आस्था का चमत्कार: बाबा बालक नाथ की कृपा से 6 साल के मासूम की खुली जुबान, पिता ने यूं पूरी की मन्नत
punjabkesari.in Sunday, Feb 22, 2026 - 04:20 PM (IST)
शाहतलाई (हिमल): बाबा बालक नाथ की तपोस्थली शाहतलाई में एक बार फिर श्रद्धा और विश्वास का चमत्कार देखने को मिला है। जालंधर (पंजाब) के एक श्रद्धालु परिवार उनके 6 वर्षीय बेटे की जुबान खुलने पर बाबा के दरबार में चांदी की जीभ अर्पित कर अपना आभार प्रकट किया है।
इलाज से हार चुके थे, बाबा के दर पर मिली राह
जानकारी के अनुसार जालंधर निवासी यह परिवार पिछले साल चैत्र मास के मेलों के दौरान शाहतलाई पहुंचा था। उनका 6 वर्षीय बेटा जन्म से ही बोल नहीं पाता था। पिता ने बताया कि उन्होंने लंबे समय तक कई बड़े अस्पतालों में बच्चे का इलाज करवाया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। निराश होकर वे बाबा जी की शरण में आए और मंदिर के पुजारी पंडित श्रवण कुमार शर्मा से विशेष अरदास करवाई।
11 महीने बाद बाबा जी के दरबार पहुंचा परिवार
परिवार का कहना है कि बाबा बालक नाथ की असीम कृपा से बच्चे ने धीरे-धीरे बोलना शुरू कर दिया। जब बच्चे के मुंह से पहले शब्द निकले तो पूरे घर में खुशियों का ठिकाना न रहा। मन्नत पूरी होने के लगभग 11 महीने बाद 21 फरवरी की रात यह परिवार पुनः शाहतलाई पहुंचा। यहां उन्होंने बाबा जी के चरणों में शीश नवाया, लंगर सेवा की और भेंट स्वरूप चांदी की जीभ चढ़ाई।
पुजारी बोले-'सच्चे मन की अरदास सुनते हैं बाबा'
मंदिर के पुजारी पंडित श्रवण कुमार शर्मा ने बताया कि श्रद्धालु ने उन्हें फोन पर ही खुशखबरी दे दी थी और शनिवार रात मंदिर पहुंचकर अपनी मन्नत पूरी की। उन्होंने कहा कि बाबा जी के दरबार से कोई खाली हाथ नहीं जाता। जो भी भक्त सच्चे मन से अरदास करता है, बाबा उसकी मुराद अवश्य पूरी करते हैं।
आस्था का केंद्र है शाहतलाई
उल्लेखनीय है कि सिद्ध बाबा बालक नाथ की तपोस्थली शाहतलाई देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। विशेष रूप से चैत्र और सावन के महीने में यहाँ भारी भीड़ उमड़ती है। मंदिर परिसर में भक्तों के लिए लंगर और धार्मिक अनुष्ठान निरंतर चलते रहते हैं। इस ताजा घटना ने एक बार फिर भक्तों के विश्वास को और सुदृढ़ कर दिया है।

