Una News: वन माफिया के मंसूबों पर फिरा पानी, अम्ब और भरवाईं में प्रतिबंधित लकड़ी से भरे 10 वाहन जब्त

punjabkesari.in Saturday, Jun 20, 2026 - 02:33 PM (IST)

अम्ब (अश्विनी): हिमाचल प्रदेश की बहुमूल्य वन संपदा पर डाका डालने वाले वन माफियाओं के खिलाफ वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई अमल में लाई है। रात के अंधेरे में तस्करी के लिए निकले माफियाओं के मंसूबों पर पानी फेरते हुए वन विभाग की विशेष टीमों ने पूरी रात चले एक सघन सर्च ऑप्रेशन में 10 वाहनों को पकड़ा है। इन सभी वाहनों में प्रतिबंधित वन प्रजातियों की लकड़ी अवैध रूप से ले जाई जा रही थी।

वन माफियाओं ने पुलिस और वन विभाग की आंखों में धूल झोंकने के लिए सभी वाहनों को ऊपर से तिरपाल से पूरी तरह ढका हुए था। सड़क पर दौड़ती इन गाड़ियों को देखकर ऐसा लग रहा था मानो इनमें बारिश से खराब होने वाला सामान लदा हो, लेकिन जब वन विभाग ने तिरपाल हटाए तो अंदर से प्रतिबंधित लकड़ी का जखीरा निकला।

वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंज ऑफिसर) अम्ब राहुल ठाकुर ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर वन मंडल अधिकारी (डीएफओ) ऊना, विकल्प यादव के सख्त निर्देशों पर यह नाकाबंदी की गई। इस मिशन के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें वन खंड अधिकारी रणजीत सिंह, संजीव कुमार, ऊषा ठाकुर, शक्ति चंद और वन रक्षक विक्रांत, नरेंद्र, साहिल, नरेश व विकास शामिल रहे। टीमों ने रात 1 बजे से लेकर सुबह 8 बजे तक अम्ब और भरवाईं रेंज में हर गुजरने वाले संदिग्ध वाहन की सघन तलाशी ली। इस दौरान भरवाईं रेंज की टीम ने देहरा डिवीजन की ओर से आ रहे 2 वाहनों को दबोचा, जबकि अम्ब रेंज में टीम ने नाका लगाकर 8 वाहनों को पकड़ा।

कैम्बल, सिम्बल और आम की लकड़ी बरामद
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि लगभग सभी वाहनों में प्रतिबंधित कैम्बल, सिम्बल सहित चौड़ी पत्ती वाली प्रजातियों की लकड़ी भरी हुई थी, जबकि एक वाहन में आम की लकड़ी लोड पाई गई। किसी भी वाहन चालक के पास लकड़ी के परिवहन का कोई वैध परमिट या अनुमति पत्र नहीं था।

माफिया की जड़ों तक पहुंचेगा विभाग : डीएफओ
डीएफओ ऊना विकल्प यादव ने स्पष्ट किया कि बिना वैध दस्तावेजों के पकड़े गए सभी 10 वाहनों को कब्जे में लेकर भारतीय वन अधिनियम, 1927 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। अब विभाग बैकवर्ड इन्वैस्टिगेशन कर रहा है कि यह लकड़ी किसी निजी भूमि से काटी गई है या फिर सरकारी जंगलों पर आरा चलाया गया है। इस पूरे सिंडिकेट के आकाओं की पहचान कर उन पर कानूनी चाबुक चलाया जाएगा।

अधिकारियों की दो टूक, वन संपदा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
गौरतलब है कि ऊना जिला और आसपास के इलाकों में खैर और अन्य कीमती लकड़ियों की तस्करी का पुराना इतिहास रहा है। माफिया हर बार नए हथकंडे अपनाता है। वन अधिकारियों ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि प्रदेश की वन संपदा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अवैध कटान या तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। माफिया की कमर तोड़ने के लिए आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।

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Content Writer

Vijay

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