दयोठी के स्वास्तिक ने बनाया वर्ल्ड रिकार्ड

8/13/2016 12:01:50 AM

बिलासपुर: कैमिस्ट्री में रासायनिक संकेतों की आवर्त सारिणी सबसे कम समय में लिखने का वर्ल्ड रिकार्ड बिलासपुर के 11वीं कक्षा के विद्यार्थी स्वास्तिक गर्ग ने अपने नाम कर लिया है। इस रिकार्ड को हासिल करने के लिए भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर के छात्रों द्वारा रिकार्ड सैटर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड के लिए अपना-अपना वीडियो भेजा गया था, जिसमें बिलासपुर के स्वास्तिक गर्ग ने मात्र 1 मिनट 23.38 सैकेंड में कैमिस्ट्री में रासायनिक संकेतों की आवर्त सारिणी लिखकर नया इतिहास रच दिया है। रिकार्ड सैटर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड द्वारा स्वास्तिक को ई-मेल के माध्यम से इस नए वल्र्ड रिकार्ड की जानकारी दी गई। स्वास्तिक को संस्था की ओर से विशेष रूप से वर्ल्ड रिकार्ड धारक की टी-शर्ट भी भेजी गई है।

 

स्वास्तिक ने बताया कि स्कूल के अध्यापक द्वारा उनकी कक्षा के सभी विद्यार्थियों को रासायनिक संकेतों की आवर्त सारिणी याद करने के लिए कहा गया था। यह भी कहा गया था कि जो भी विद्यार्थी पूरी आवर्त सारिणी को पूरी तरह से याद करेगा उसे सबसे अच्छे अंक दिए जाएंगे। इसके बाद उसने अच्छी तैयारी की और करीब एक महीने की कड़ी मेहनत के बाद कैमिस्ट्री के कुल 118 रासायनिक संकेतों की पूरी आवर्त सारिणी को याद कर लिया। इसे पूरी तरह याद करने के बाद वह इसे लिखने का अभ्यास करने लगा।

 

स्वास्तिक ने बताया कि शुरू-शुरू में पूरी आवर्त सारिणी को लिखने के लिए उसे 5 मिनट तक का समय लग जाता था लेकिन धीरे-धीरे उसने अपनी स्पीड को बढ़ाना शुरू किया। इसके बाद घर पर ही 3 लोगों की मदद से उसने रिकार्ड सैटर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड के पिछले रिकार्ड को देखते हुए इसका वीडियो तैयार कर संस्था को ई-मेल कर दिया। वहां भी संस्था के दिग्गजों द्वारा इसकी जांच-पड़ताल करने के बाद ही उसे नया वर्ल्ड रिकार्ड धारक घोषित किया गया।

 

राज्यपाल आचार्य देवव्रत भी कर चुके हैं सम्मानित
मूलरूप से सोलन के दयोठी गांव के रहने वाले स्वास्तिक के पिता डा. प्रवीण शर्मा बिलासपुर जिला आयुर्वैदिक अस्पताल के प्रभारी हैं और मां डा. संदीपा शर्मा भी आयुर्वैदिक चिकित्सक के रूप में बिलासपुर में ही अपनी सेवाएं दे रही हैं। आर्ट ऑफ  लिविंग के टीचर नाड़ी विशेषज्ञ डा. प्रवीण शर्मा ने बताया कि सबसे पहले उन्होंने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड वालों से इस संदर्भ में बात की थी लेकिन उनके द्वारा बताया गया कि इस प्रकार के शैक्षणिक रिकार्ड उनकी श्रेणी में नहीं आते हैं। फिर उनके द्वारा ही उन्हें रिकार्ड सैटर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड का पता दिया गया था। वहां बात करने पर उन्होंने इसका वीडियो मंगवाया था। उन्होंने बताया कि स्वास्तिक की इस उपलब्धि के लिए पिछले दिनों हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत भी उसे सम्मानित कर चुके हैं।


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