निजी स्कूलों में बच्चे पढ़ाए तो सरकारी लाभ होंगे बंद, जाने क्यों?

निजी स्कूलों में बच्चे पढ़ाए तो सरकारी लाभ होंगे बंद, जाने क्यों?

बिलासपुर : रोहिण ग्राम पंचायत के जो लोग अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में न पढ़ाकर निजी स्कूलों में पढ़ाते रहेंगे, उन्हें पंचायत सरकार की तरफ से मिलने वाले लाभों से वंचित कर दिया जाएगा। यहां तक कि उन परिवारों को मिलने वाले सस्ते राशन की सुविधा भी बंद कर दी जाएगी, वहीं टुल्लू पंप लगाने वालों को पंचायत 1,000 रुपए जुर्माना भी ठोकेगी।ये निर्णय बुधवार को हुई रोहिण पंचायत की ग्राम सभा की बैठक में लिए गए। ग्राम सभा की यह बैठक पंचायत प्रधान रमेश चंद की अध्यक्षता में हुई, जिसमें करीब 200 लोगों ने भाग लिया।

निजी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने वालों को माना जाएगा साधन संपन्न
पंचायत प्रधान रमेश चंद ने बताया कि लंबे समय से पंचायत के लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वे अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाना सुनिश्चित करें लेकिन लोग इस ओर अधिक ध्यान नहीं दे रहे हैं। अब ग्राम सभा की बैठक में ही सभी ग्रामीणों ने यह निर्णय लिया कि जिस परिवार के बच्चे निजी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, उन्हें आॢथक तौर से साधन संपन्न माना जाएगा व उन्हें उन तमाम सुविधाओं से वंचित कर दिया जाएगा, जो गरीबों के उत्थान के लिए सरकार द्वारा दी जा रही हैं।

सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों के अभिभावक होंगे सम्मानित
पंचायत प्रधान ने बताया कि रोहिण पंचायत में कुल 6 वार्ड हैं तथा सभी पंचायत सदस्यों के बच्चे सरकारी स्कूलों में ही शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने लोगों को समझाया कि सरकारी स्कूलों में अध्यापकों का स्तर काफी अच्छा है व सुविधाएं भी सरकारी स्कूलों में निजी स्कूलों से बेहतर हैं। अभिभावक यदि बच्चों का ध्यान रखें व बच्चे वैसी ही मेहनत करें जैसी वे निजी स्कूलों में करते हैं तो उनके परिणाम और भी अच्छे आ सकते हैं। उन्होंने बताया कि पंचायत अपने स्तर पर उन अभिभावकों को सम्मानित भी करेगी जिनके बच्चे सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।


 



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