फतेहपुर में पेड़ों की कटाई से हार डिपो तक: कहां है फील्ड बुक और लकड़ी का रिकॉर्ड?
punjabkesari.in Sunday, Oct 25, 2026 - 10:19 PM (IST)
फतेहपुर (राहुल राणा): सरकारी अस्पताल और निर्माणाधीन बस स्टैंड के पास फॉरेस्ट कॉरपोरेशन विभाग द्वारा ठेकेदार के माध्यम से काटे गए सफेदे के पेड़ों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कटाई वाली जगह पर पड़ी लकड़ी और ज्वाली स्थित हार डिपो में रखे सफेदे के कुछ मोछों पर प्रॉपर्टी मार्क दिखाई नहीं देने का मामला सामने आया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर काटे गए पेड़ों की लकड़ी को तुरंत हार डिपो क्यों नहीं पहुंचाया गया? जानकारी के अनुसार, लकड़ी अगले दिन तक कटाई वाली जगह पर पड़ी थी। इस दौरान उसकी पहचान और सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था की गई थी?

क्या सरकारी अस्पताल और बस स्टैंड के पास काटे गए सभी पेड़ों की लकड़ी हार डिपो में जमा हुई? क्या कटाई स्थल से भेजी गई लकड़ी और डिपो के रिकॉर्ड का पूरा हिसाब मेल खाता है?
इन सवालों का जवाब फील्ड बुक, मार्किंग सूची, परिवहन रिकॉर्ड और डिपो रजिस्टर के सत्यापन से ही मिल सकता है। जब फील्ड बुक और लकड़ी पर प्रॉपर्टी मार्क नहीं होने को लेकर सवाल पूछे गए, तो अधिकारी रिकॉर्ड दिखाने में आनाकानी करते नजर आए। वन कार्य इकाई के सहायक प्रबंधक ज्ञान सिंह से भी इस संबंध में सवाल किए गए, जिनके बाद वह मौके से जाते नजर आए।

आखिर फील्ड बुक दिखाने में आनाकानी क्यों? लकड़ी पर प्रॉपर्टी मार्क क्यों नहीं दिखे? और फतेहपुर से काटी गई पूरी लकड़ी हार डिपो पहुंची भी या नहीं? ये सवाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले निष्पक्ष जांच और दस्तावेजी सत्यापन की मांग करते हैं। फॉरेस्ट कॉरपोरेशन विभाग को रिकॉर्ड के आधार पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। यदि कोई अनियमितता सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

