पुजारियों के मोबाइल से चिंतपूर्णी गर्भ गृह के लाइव प्रसारण पर प्रतिबंध

6/29/2020 7:51:40 PM

ऊना (सुरेन्द्र): उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ छिन्नमस्ता धाम चिंतपूर्णी में दोहरे मापदंड पर जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया है। एक तरफ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं सहित तमाम लोगों को मंदिर परिसर में सैल्फी एवं फोटोग्राफी न करने की हिदायतें दी गई हैं और दूसरी तरफ पुजारी यहां मोबाइल से न केवल लाइव प्रसारण करते हैं बल्कि वीडियो क्लिप बना-बनाकर अपने भक्तों को भेजते हैं। यह क्रम लम्बे समय से चला हुआ है। पुजारी अपने ही स्तर पर मोबाइल के जरिए ऑनलाइन दर्शन करवाते हैं। यह मामला विशेष तौर पर जिला प्रशासन के ध्यान में लाया गया। मंदिर प्रबंधन के पास शिकायतें पहुंचीं। इस पर अनेक लोगों ने एतराज जताया कि क्या पुजारियों के लिए अलग से नियम हैं जबकि किसी भी बाहर से आने वाले श्रद्धालु को मोबाइल फोन ऑन भी नहीं करने दिया जाता है। फोटो लेने से रोका जाता है।

 लॉकडाऊन में तो मंदिर में दर्शनों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसे में पुजारी हर रोज अपने चुनिंदा भक्तों के लिए लाइव दर्शन की व्यवस्था चला रहे हैं। मोबाइल लेकर मंदिर के गर्भ गृह में लाइव दर्शन का अलग ही सिस्टम चलाए हुए थे जबकि ङ्क्षचतपूर्णी मंदिर में किसी प्रकार की रिकॉर्डिंग करने या फोटो लेने के लिए यहां तक कि आरती का प्रसारण करने के लिए भी मंदिर प्रबंधन से विशेष लिखित अनुमति लेनी पड़ती है और इसकी फीस अदा करने का भी प्रावधान है। मामले पर संज्ञान लेते हुए अब मंदिर प्रबंधन ने शक्तिपीठ चिंतपूर्णी में मोबाइल के प्रयोग एवं लाइव प्रसारण पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसकी पुष्टि एडीसी अरिंदम चौधरी ने की है। एडीसी के मुताबिक मंदिर में पुजारियों को दिन में एक बार ही दर्शन करने की अनुमति होगी। मंदिर गर्भ गृह से पवित्र पिंडी के दर्शन अपने मोबाइल से लाइव करवाने पर बैन लगा दिया गया है। चिंतपूर्णी मंदिर ट्रस्ट के श्री चिंतपूर्णी के नाम से यू ट्यूब चैनल पर ही अधिकृत प्रसारण होगा। ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।

 एडीसी अरिंदम चौधरी का कहना है कि तमाम शिकायतों के बाद एक बैठक बुलाई गई, जिसमें एसडीएम अम्ब तारुल रविश, तहसीलदार अम्ब मनोज कुमार व नायब तहसीलदार अभिषेक भी मौजूद थे। बैठक में सभी विषयों पर चर्चा हुई और उसके बाद यह फैसला लिया गया है। मंदिर आयुक्त एवं डीसी ऊना संदीप कुमार का कहना है कि शिकायतों के आधार पर एडीसी को वस्तुस्थिति जानने के लिए मौके पर भेजा गया था। अब निर्णय किया गया है कि कोई भी लाइव प्रसारण पुजारियों के मोबाइल से नहीं होगा। बारीदार सभा चिंतपूर्णी के प्रधान रविंद्र छिंदा का कहना है कि नियमों का पालन सभी करेंगे लेकिन विशेष परिस्थितियों में पुजारियों को इसकी अनुमति दी जानी चाहिए। पुजारी पूरी पवित्रता के साथ पूजा-अर्चना करते हैं।

 


Kuldeep

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