Kangra: त्रियुंड की खूबसूरती निहारने का बना रहे हैं प्लान तो पहले जान लें वन विभाग का ये नया नियम

punjabkesari.in Friday, Aug 28, 2026 - 11:36 PM (IST)

धर्मशाला (प्रियंका): त्रियुंड की खूबसूरती को कचरे से बचाने के लिए वन विभाग ने अब ट्रैकर्स की जिम्मेदारी भी तय कर दी है। त्रियुंड ट्रैकिंग रूट पर जाने वाले पर्यटकों को अपने साथ ले जाने वाले सामान के रैपर, खाली बोतलें और अन्य कचरा वापस लाना होगा। इसके लिए विभाग ने ब्रिंग योर वेस्ट बैक योजना लागू की है। योजना के तहत प्रत्येक ट्रैकर और हाइकर को 500 रुपए की सिक्योरिटी राशि लेकर जूट बैग दिया जाएगा। वापसी पर बैग में पूरा कचरा वापस लाने पर 500 रुपए की सिक्योरिटी लौटा दी जाएगी। वहीं जो पर्यटक जूट बैग को अपने पास रखना चाहते हैं, उन्हें इसके लिए 100 रुपए देने होंगे। त्रियुंड में हर साल करीब 70 से 80 हजार पर्यटक पहुंचते हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या के साथ यहां कचरा प्रबंधन भी बड़ी चुनौती बन रहा है। इसी को देखते हुए वन विभाग ने पर्यटकों को शुरूआत से ही अपने कचरे के प्रति जिम्मेदार बनाने की यह व्यवस्था शुरू की है।

सामान की होगी इन्वैंटरी, वापसी पर होगा मिलान
डीएफओ धर्मशाला अमित शर्मा ने बताया कि त्रियुंड जाने वाले पर्यटक अपने साथ कौन-कौन सा सामान लेकर जा रहे हैं, इसकी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसमें प्लास्टिक की बोतल, खाने-पीने के सामान के रैपर और अन्य पैकेजिंग सामग्री शामिल होगी। पर्यटकों को यह कचरा वापस लाकर विभाग को देना होगा। वापसी पर कचरे का मिलान करने के बाद 500 रुपए की सिक्योरिटी राशि वापस कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य पर्यटकों में यह जिम्मेदारी विकसित करना है कि वे जिस रूप में प्राकृतिक स्थल पर जाएं, उसे उसी तरह स्वच्छ रखने में भी अपना योगदान दें। विभाग के अनुसार योजना को पर्यटकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।

त्रियुंड में स्थापित किए करीब 50 डस्टबिन
अमित शर्मा ने बताया कि त्रियुंड क्षेत्र में करीब 50 डस्टबिन स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा ट्रैकिंग रूट पर नियमित रूप से सफाई अभियान भी चलाए जा रहे हैं। विभाग की ओर से ट्रैकर्स को कचरा इधर-उधर फैंकने की बजाय जूट बैग में एकत्रित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

वेस्ट वारियर्स के साथ होगा कचरे का उचित निस्तारण
डीएफओ ने बताया कि त्रियुंड से एकत्रित होने वाले कचरे के उचित निस्तारण और सैग्रिगेशन के लिए वेस्ट वारियर्स के साथ एमओयू किया जा रहा है। इसके तहत एकत्रित कचरे की सही तरीके से छंटाई की जाएगी। रिसाइकिल होने वाले और बायोडिग्रेडेबल कचरे को अलग कर उनका उचित निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।

 

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Content Writer

Vijay