रिपोर्ट में खुलासा! हिमाचल की सड़कों पर ''Danger Window'': शाम 6 से 9 के बीच मौत का पहरा
punjabkesari.in Friday, Feb 06, 2026 - 12:34 PM (IST)
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश की सड़कों पर बढ़ते हादसों को लेकर 2025 की इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत सड़क दुर्घटना रिपोर्ट (e-DAR) ने चिंताजनक तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में होने वाली दुर्घटनाओं में सबसे बड़ी हिस्सेदारी निजी कारों, जीपों और टैक्सियों की है।
दुर्घटनाओं का वाहन-वार विश्लेषण
आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले एक वर्ष में कार, जीप और टैक्सी श्रेणी के वाहनों से कुल 801 हादसे दर्ज किए गए। वहीं, सुरक्षा के लिहाज से सबसे संवेदनशील माने जाने वाले दोपहिया वाहन भी पीछे नहीं हैं; इनसे जुड़ी 485 दुर्घटनाएं सामने आई हैं। जिनमें ट्रक से 224 हादसे, बसों से 71 हादसे, टेंपो व ट्रैक्टर से 58 हादसे, डंपर से 17 हादसे हुए है।
'डेंजर विंडो': शाम 6 से रात 9 बजे तक
रिपोर्ट में एक महत्वपूर्ण खुलासा समय को लेकर हुआ है। प्रदेश में शाम 6:00 बजे से रात 9:00 बजे के बीच सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। विशेषज्ञों ने इस तीन घंटे के समय अंतराल को 'डेंजर विंडो' का नाम दिया है। इस अवधि में बढ़ते जोखिम को देखते हुए प्रशासन अब हाई अलर्ट पर है।
प्रमुख कारण और पुलिस की रणनीति
हैरानी की बात यह है कि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 979 मामलों में कोई स्पष्ट ट्रैफिक उल्लंघन दर्ज नहीं मिला। हालांकि, चिह्नित किए गए कारणों में रैश ड्राइविंग (428), तेज रफ्तार (359) और गलत ओवरटेकिंग (110) सबसे प्रमुख रहे।
इन बढ़ते आंकड़ों पर अंकुश लगाने के लिए हिमाचल पुलिस ने कमर कस ली है। पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी के अनुसार यातायात नियमों को तोड़ने वालों पर अब कोई ढील नहीं दी जाएगी। 'डेंजर विंडो' के दौरान इंटरसेप्टर वाहनों की तैनाती और तकनीकी निगरानी बढ़ाई जाएगी।
डेटा के आधार पर उन स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है जहाँ सबसे अधिक हादसे होते हैं, ताकि वहां समय रहते पुलिस बल तैनात किया जा सके। प्रशासन का लक्ष्य तकनीक और सख्त पहरेदारी के समन्वय से सड़कों को सुरक्षित बनाना और अनमोल जिंदगियों को बचाना है।

