नूरपुर के स्वास्थ्य अधिकारों की लड़ाई ने लिया बड़ा रूप, अखिल बख्शी की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू

punjabkesari.in Friday, Oct 02, 2026 - 11:58 PM (IST)

नूरपुर (राहुल राणा): नूरपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर अखिल बख्शी ने 2 अक्टूबर 2026 को नूरपुर अस्पताल परिसर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। भूख हड़ताल की प्रमुख मांगों में मातृ-शिशु अस्पताल, नूरपुर को जल्द शुरू करना तथा रंजीत बख्शी जनकल्याण फाउंडेशन को रोगी कल्याण समिति में शामिल करना शामिल है।
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भूख हड़ताल शुरू करने से पहले अखिल बख्शी ने एसडीएम कार्यालय नूरपुर से शांतिपूर्ण मार्च निकाला, जो चौगान के रास्ते नूरपुर अस्पताल परिसर तक पहुंचा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने मार्च में शामिल होकर उनका समर्थन किया।

अखिल बख्शी ने कहा कि नूरपुर की जनता लंबे समय से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की अपेक्षा कर रही है। ऐसे में मातृ-शिशु अस्पताल को जल्द शुरू करना जनता के हित से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने कहा कि जब तक इन प्रमुख मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। मार्च और भूख हड़ताल के दौरान स्थानीय लोगों ने अखिल बख्शी के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। समर्थकों का कहना था कि नूरपुर के जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की आवश्यकता है और वे इस आंदोलन में अखिल बख्शी के साथ खड़े हैं।

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नूरपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

मातृ-शिशु अस्पताल के लंबे समय से शुरू न होने और क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर इस आंदोलन ने कई महत्वपूर्ण सवाल सामने रखे हैं। आंदोलन के माध्यम से यह मांग उठाई जा रही है कि नूरपुर की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधि ठोस कदम उठाएं। अखिल बख्शी ने स्थानीय राजनीतिक नेतृत्व से भी अपील की कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से लें और मातृ-शिशु अस्पताल को जल्द शुरू करवाने के लिए अपनी भूमिका निभाएं।

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नूरपुर से उठी आवाज़ अब शिमला और दिल्ली तक पहुंचाने का प्रयास

इस अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के माध्यम से नूरपुर की स्वास्थ्य संबंधी मांगों को व्यापक स्तर पर उठाने का प्रयास किया जा रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि नूरपुर की जनता की आवाज़ को प्रशासन और सरकार के उच्च स्तर तक पहुंचाना इस आंदोलन का प्रमुख उद्देश्य है।

अखिल बख्शी ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि नूरपुर की जनता के स्वास्थ्य अधिकारों और क्षेत्र की बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की मांग को लेकर है। उन्होंने कहा कि नूरपुर की जनता से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर देखा जाना चाहिए और सभी स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नेताओं को जनहित के इन मुद्दों पर अपनी भूमिका निभानी चाहिए। भूख हड़ताल के साथ नूरपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर एक नई सार्वजनिक बहस शुरू हो गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन और सरकार इन मांगों पर क्या कदम उठाते हैं।


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Content Writer

Pardeep

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