Himachal: उत्तर प्रदेश के 3 ट्राले फर्जी तरीके से RLA सोलन में हुए पंजीकृत, फिर झंडूता RLA को कर दिए ट्रांसफर
punjabkesari.in Thursday, Jan 29, 2026 - 10:14 PM (IST)
सोलन (पाल): आरएलए सोलन में वाहनों के पंजीकरण का फर्जीवाड़ा सामने आया है। उत्तर प्रदेश के 3 ट्राले फर्जी तरीके से आरएलए सोलन में पहले पंजीकृत हुए फिर इन ट्रालों को जिला बिलासपुर के आरएलए झंडूता ट्रांसफर भी कर दिया है। मजेदार बात यह है कि यह काम इतनी होशियारी से किया गया कि इसकी किसी को भनक तक नहीं लगी। यह स्पष्ट है कि आरएलए के ही किसी कर्मचारी की मिलीभगत से यह बड़ा फर्जीवाडा हुआ है। मामला सामने आने पर एसडीएम सोलन ने पुलिस में इसकी शिकायत की। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस मामले में खुलासा हुआ है कि उत्तर प्रदेश के 3 ट्राले आरएलए सोलन में पंजीकृत हुए। सबसे बड़ी बात यह है कि एमवीआई से इन ट्रालों की फिजिकल वैरीफिकेशन भी नहीं करवाई गई, जबकि नियमों के अनुसार यह अनिवार्य है। इन ट्रालों का आरएलए सोलन में पंजीकरण होने के साथ ही नया नम्बर भी जारी हो गया। एचपी14डी 4812, एचपी14 डी. 4582 व एच.पी.14डी. 4586 नम्बर से इन ट्रालों का पंजीकरण हुआ। पंजीकरण होने के बाद इन ट्रालों को आरएलए झंडूता को ट्रांसफर कर दिया। यह सारी प्रक्रिया वाहन पोर्टल पर ही की गई। इस मामले के सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि फर्जी आईडी बनाकर कोई वाहन पोर्टल का इस्तेमाल कर रहा है। यह इस तरीके से किया जा रहा है कि पोर्टल की एडमिन की पावर का इस्तेमाल भी वही लोग कर रह रहे हैं, जो इस फर्जीवाड़े से जुड़े हुए हैं।
एसडीएम सोलन ने यह मामला सामने आते ही आरएलए झंडूता काे पत्र लिखकर इस पूरे मामले की सूचना ही नहीं दी है बल्कि इन ट्रालों की आरसी सहित सभी रिकॉर्ड व ट्रांजैक्शन फ्रीज करने को कहा है। यही नहीं, इन ट्रालों की एमवीआई से फिजिकल जांच करने को भी कहा है। एसडीएम सोलन डा. पूनम बंसल ने बताया कि मामला सामने आते ही पुलिस में तुरंत शिकायत की गई तथा आरएलए झंडूता को भी सूचित किया गया। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। यही नहीं, अपने स्तर पर भी जांच की जा रही है।
आरएलए के एक कर्मचारी की मिली फर्जी आईडी
एसडीएम सोलन डा. पूनम बंसल भी अपने स्तर पर इस मामले की जांच कर रही हैं। उन्हें जांच में कई अहम सुराग मिले हैं। आरएलए में तैनात एक कर्मचारी की फर्जी आईडी भी मिली है। यही नहीं, वाहन पोर्टल में एडमिन में उस कर्मचारी का ही फोन नम्बर मिला है, यानी एडमिन के फोन नम्बर पर जाने वाले ओटीपी नम्बर उसी कर्मचारी के फोन पर जा रहे थे। इस मामले में आरएलए सोलन द्वारा पुलिस में एक और शिकायत दर्ज करवाने की योजना है।

