अनुशासनहीनता पर कांग्रेस सख्त, 2 पूर्व विधायकों सहित 12 नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी

punjabkesari.in Wednesday, Jul 01, 2020 - 07:19 PM (IST)

शिमला (ब्यूरो): हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अनुशासनहीनता पर सख्त हो गई है। इसी कड़ी में पार्टी ने जिला मंडी में उपजे विवाद का कड़ा संज्ञान लेते हुए 2 पूर्व विधायकों सहित 12 नेताओं और पदाधिकारियों को शो-कॉज नोटिस जारी किए हैं। पार्टी ने पूर्व विधायक मनसा राम व सोहन लाल, पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर की बेटी एवं महिला कांग्रेस की प्रदेश महासचिव चंपा ठाकुर, विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रत्याशी रहे पवन ठाकुर व लाल सिंह कौशल, मंडी के पूर्व अध्यक्ष दीपक ठाकुर, राज्य किसान कांग्रेस के उपाध्यक्ष जगदीश रेड्डी, प्रदेश सचिव जीवन लाल ठाकुर, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन चौधरी, पूर्व प्रदेश सचिव संजीव गुलेरिया, ब्लॉक महिला कांग्रेस की अध्यक्ष वीना शर्मा के साथ ही पूर्व पदाधिकारी विजय पाल ठाकुर को शो-कॉज नोटिस जारी किए हैं। उक्त सभी से 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है, ऐसे में जवाब संतोषजनक न पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है। पूरे मामले की रिपोर्ट हाईकमान को भेजने की भी तैयारी है।

जिलाध्यक्ष मंडी की रिपोर्ट और मीडिया रिपोर्ट को बनाया गया है आधार

सूचना के अनुसार जिलाध्यक्ष मंडी की रिपोर्ट और मीडिया रिपोर्ट को आधार बनाकर पार्टी से जुड़े उक्त 12 लोगों को शो-कॉज नोटिस जारी किए गए हैं। प्रदेश कांग्रेस के महासचिव रजनीश किमटा ने उक्त 12 पदाधिकारियों को शो-कॉज नोटिस जारी किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि नोटिस जारी कर सभी को 15 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है। संगठन में किसी भी सूरत पर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जा सकती है।

पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कौल और सुक्खू ने उठाए सवाल, बढ़ी रार

पूर्व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कौल सिंह ठाकुर और सुखविंदर सिंह सुक्खू ने संपर्क करने पर कहा कि पीसीसी सदस्य को पार्टी प्रदेशाध्यक्ष द्वारा शो-कॉज नोटिस जारी नहीं किए जा सकते हैं। पार्टी के संविधान के अनुसार यह अधिकार केवल पार्टी की प्रदेश प्रभारी और सैंट्रल डिसिप्लिन कमेटी को है, ऐसे में जारी शो-कॉज नोटिस अवैध हैं और उनका जवाब देने की कोई आवश्यकता नहीं है। प्रदेश कांग्रेस केवल जिला और ब्लॉक पदाधिकारियों को ही नोटिस जारी कर सकती है।  

ये है पूरा मामला

बीते दिनों शिमला में पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर के घर में विधायक सुक्खू, पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा सहित कुछ अन्य नेता लंच पर जुटे। लंच डिप्लोमेसी का यह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि मंडी में इसी धड़े से जुड़े कुछ पदाधिकारियों की एक बैठक हुई और राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजा प्रस्ताव मीडिया में वायरल हो गया। इस बैठक के बाद मामले ने तब तूल पकड़ लिया जब पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह और पूर्व केंंद्रीय मंत्री सुखराम समर्थकों की भी एक बैठक मंडी में हुई तथा एक प्रस्ताव पारित कर दिया। इसी बीच इसका विरोध करते हुए मंडी में बैठक करने वाले दूसरे धड़े के कुछ पदाधिकारियों ने अपने इस्तीफे दे दिए और बकायदा पत्रकार वार्ता कर पार्टी अध्यक्ष पर निशाना साधा। ऐसे में पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए उक्त कार्रवाई अमल में लाई गई है जिससे अंदरखाते चल रही गुटबाजी अब चरम पर है।

पार्टी में घमासान के बीच बैठक स्थगित

पार्टी में मचे घमासान के बाद कांग्रेस अनुशासन समिति की 2 जुलाई को होने वाली बैठक स्थगित हो गई है। इस बैठक में अनुशासनहीनता से जुड़े सामने आए मामलों पर चर्चा होनी थी, लेकिन अब बैठक स्थगित हो गई है। इसके पीछे क्या कारण रहे हैं, इसका खुलासा नहीं किया गया है। इसके साथ ही पार्टी उपाध्यक्ष, महासचिव और जिलाध्यक्षों की 4 जुलाई को आयोजित होने वाली बैठक भी स्थगित कर दी गई है।

नोटिस जारी करने में पिक एंड चूज क्यों

12 पदाधिकारियों को शो-कॉज नोटिस जारी किए जाने का मामला तूल पकड़ गया है। आरोप लग रहे हैं कि शो-कॉज नोटिस जारी किए जाने में भी पिक एंड चूज किया गया है। तर्क दिया जा रहा है कि जिन लोगों ने पूर्व मंत्री सहित अन्य के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया और मीडिया में भी गए, उनके खिलाफ एक्शन क्यों नहीं लिया जा रहा है।


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Vijay

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