"कैश काउंटर पर चश्मा लगाकर बैठे विशेष हुलिए वाले व्यक्ति की मिली थी सुपारी", जानकी दास हत्याकांड में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
punjabkesari.in Friday, Jun 19, 2026 - 01:52 PM (IST)
हिमाचल डेस्क : चंडीगढ़ के चर्चित 'कुमार मेडिकल स्टोर' के कैशियर जानकी दास हत्याकांड में पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। जम्मू-कश्मीर के सांबा से इस वारदात के मुख्य मास्टरमाइंड और तीसरे शूटर अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। जम्मू से पहले गिरफ्तार गए दो शूटरों से पुलिस पूछताछ में इस सनसनीखेज हत्याकांड को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे भी हुए हैं, जिससे साफ हुआ है कि शूटरों को केवल 'चश्मा लगाने वाले एक भारी-भरकम व्यक्ति' की सुपारी दी गई थी और इसी हुलिए के फेर में जानकी दास की जान चली गई।
हिमाचल के रहने वाले थे जानकी दास
गौरतलब है कि मृतक जानकी दास मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के शिमला (रोहडू) के निवासी थे और उनकी पत्नी हाल ही में ग्राम पंचायत प्रधान चुनी गई हैं। चंडीगढ़ पुलिस की गिरफ्त में आए शूटरों ने पूछताछ में कुबूल किया है कि उन्हें हत्या के लिए किसी नाम की जानकारी नहीं थी। उन्हें सिर्फ यह बताया गया था कि व्यक्ति कुमार केमिस्ट शॉप के काउंटर पर बैठता है, चश्मा लगाता है और उसका शरीर भारी-भरकम है। इसी पहचान के आधार पर शूटरों को वारदात को अंजाम देना था। पकड़े जाने के डर से उन्हें घटनास्थल के पास से किसी को भी फोन करने की सख्त मनाही थी।
पुछताछ में हुआ ये खुलासा
पूछताछ में खुलासा हुआ है कि वारदात के दिन शूटर सबसे पहले सेक्टर-11 स्थित एक अन्य 'कुमार मेडिकल स्टोर' पर गए थे। वहां भारी भीड़ होने और बताए गए हुलिए का कोई व्यक्ति न दिखने के कारण वे आगे बढ़ गए। इसके बाद आरोपी दूसरी दुकान पर पहुंचे, जहां काउंटर पर खड़े जानकी दास का हुलिया उनके बताए गए टारगेट से बिल्कुल मेल खा गया। इसके तुरंत बाद शूटरों ने उनपर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं।फोरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार, हमलावरों ने महज कुछ ही सेकंड के भीतर कई राउंड फायर किए और जानकी दास को संभलने का मौका दिए बिना मौके से फरार हो गए।
पूछताछ जारी
वहीं, सांबा पुलिस द्वारा दबोचे गए मुख्य किंगपिन अमित कुमार के पास से जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अवैध हथियारों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है। चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, अमित ही वह शख्स था जो शूटरों के लिए हथियार लेकर आया था। हालांकि, वारदात में इस्तेमाल की गई मुख्य पिस्टल को रिकवर करने के लिए पुलिस की छापेमारी अभी भी जारी है। जम्मू से पकड़े गए पहले दो शूटरों और अमित से संयुक्त पूछताछ में इस पूरी साजिश के असली सूत्रधार (सुपारी देने वाले) का पता लगाया जा रहा है।

