Shimla: हिमाचल की बिजली में छिपा निवेश का बड़ा मौका, चंडीगढ़ में हुआ मंथन
punjabkesari.in Wednesday, Sep 30, 2026 - 09:19 PM (IST)
शिमला (राजेश): पहाड़ों में बहते पानी और चमकती धूप से प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा का बड़ा केंद्र बनाने की संभावनाओं पर उद्योग जगत ने मंथन किया। चंडीगढ़ स्थित सीआईआई नॉर्दर्न रीजन मुख्यालय में आयोजित 6वें सीआईआई पावर कॉन्क्लेव में सरकार और निजी क्षेत्र के दिग्गज एक मंच पर जुटे और राज्य में अक्षय ऊर्जा के विकास तथा नए निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आरडी नाजीम अतिरिक्त मुख्य सचिव एमपीपी एंड पावर एवं एनसीईएस हिमाचल प्रदेश सरकार ने कहा कि राज्य में विद्युत क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा देने और कारोबार सुगमता को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है।
परियोजनाओं की मंजूरी में तेजी लाने के लिए सिंगल विंडो क्लीयरैंस प्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित किया गया है। नाजीम ने बताया कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने जलविद्युत विकास के पर्यावरणीय प्रभावों के आकलन के लिए रिवर बेसिन अध्ययन शुरू किया है। उन्होंने कहा कि राज्य की संवेदनशील पारिस्थितिकी को ध्यान में रखते हुए अक्षय ऊर्जा क्षमता का दोहन पर्यावरणीय संतुलन के साथ किया जाएगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि हिमाचल के अक्षय ऊर्जा संसाधन उद्योगों को प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली उपलब्ध कराने और राज्य में निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
पानी के साथ धूप पर भी नजर
कॉन्क्लेव में जलविद्युत और सौर ऊर्जा के साथ-साथ सोलर हाईब्रिड परियोजनाओं, विकेंद्रीकृत बिजली उत्पादन और नई स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों की संभावनाओं पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि भविष्य की ऊर्जा व्यवस्था में केवल बिजली पैदा करना ही नहीं, बल्कि उसे संग्रहित करना और जरूरत के समय ग्रिड तक पहुंचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा। इसी कड़ी में ऊर्जा भंडारण, ट्रांसमिशन और ग्रिड को मजबूत करने के मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहे। उद्योग प्रतिनिधियों ने बढ़ती अक्षय ऊर्जा हिस्सेदारी के बीच बिजली व्यवस्था को अधिक भरोसेमंद और लचीला बनाने के लिए नई तकनीकों और व्यावसायिक मॉडलों पर विचार सांझा किए।

