kangra: जज के घर में इतने नोट कहां से और क्यों आए: शांता कुमार
punjabkesari.in Saturday, Apr 05, 2025 - 04:04 PM (IST)

पालमपुर (भृगु): पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने कहा कि दो उच्च न्यायालय के जजों के व्यवहार के कारण पूरे देश की न्यायपालिका पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो गया है। पूरे देश में उनके व्यवहार से जनता में चिन्ता और क्रोध व्याप्त हो गया है। दिल्ली उच्च न्यायालय के बंद घर में आग लगी तो बोरियों में अधजले हुए 16 करोड़ रुपए के नोट प्राप्त हुए। जज के घर में इतने नोट कहां से और क्यों आए।
यह सोच कर चिंता और चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि एक 11 वर्ष की नाबालिगा को दो लड़के पकड़ कर एक नाले के नीचे ले जा रहे थे। उस केस में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के जज ने अपने निर्णय में लिखा कि किसी लड़की के निजी अंगों को पकड़ना और सलवार का नाड़ा खोलने की कोशिश करना दुष्कर्म की परिभाषा में नहीं आता। इस निर्णय से पूरे देश में भयंकर गुस्सा व्याप्त हो गया है।
सर्वोच्च न्यायालय में भी इस फैसले को अमानवीय कह कर उसका विरोध किया है। बलात्कार की शिकार हुई नाबालिग लड़की के संबंध में उच्च न्यायालय में जज के यह शब्द पढ़ कर आत्मा भी कांपने लगती है। शांता कुमार ने कहा कि यदि देश में 100 स्थानों पर अपराध होता है तो मुश्किल से कभी कहीं एक अपराधी पकड़ा जाता है। यदि देश के उच्च न्यायालय के दो जजों का यह स्तर है तो नीचे तक की पूरी न्यायपालिका का क्या स्तर होगा। यह सोच कर पूरे देश का जन मानस भयंकर चिन्ता में है।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य का विषय है कि भारत में लड़कियों के विरुद्ध अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। बहुत कम अपराधी पकड़े जाते हैं और बहुत कम को सजा होती है। सरकार को और देश के नेताओं को इस समस्या पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। शांता कुमार ने कहा कि इन दोनों जजों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। केवल तबादला काफी नहीं है, इस प्रकार के जज तो किसी पंचायत के पंच होने के योग्य भी नहीं हैं। इन दोनों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।