बड़ी लापरवाही! पत्नी की सहारा पैंशन बंद हुई तो CMO के दफ्तर पहुंचा पति, रिकॉर्ड देखकर उड़े होश
punjabkesari.in Wednesday, Apr 22, 2026 - 03:31 PM (IST)
बिलासपुर (बंशीधर): जिला स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर एक गंभीर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। सदर तहसील की पंचायत कचौली के गांव साई ब्राह्मणा की एक 64 वर्षीय महिला को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है, जिसके कारण उसे मिलने वाली सहारा पैंशन भी बंद हो गई है। इस घटना से पीड़ित परिवार सदमे में है और विभाग के चक्कर काटने को मजबूर है।
पीड़ित महिला शीला देवी के पति बलदेव राज ने बताया कि उनकी पत्नी शीला देवी गंभीर बीमारी से जूझ रही है। दिमाग की नस ब्लॉक होने के कारण वह न तो बोल सकती है और न ही उठ-बैठ सकती है। उसका इलाज पहले आईजीएमसी शिमला, पीजीआई चंडीगढ़ में हुआ और वर्तमान में एम्स में हुआ और इस समय वह घर पर मौजूद है। बलदेव राज के अनुसार शीला देवी को सहारा पैंशन मिल रही थी जोकि अचानक बंद हो गई। गत दिसम्बर माह में जब शीला देवी की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी, तो उन्हें लोकमित्र केंद्र जाने की सलाह दी गई। लोकमित्र केंद्र पर भी सफलता नहीं मिलने के बाद जब वे सीएमओ कार्यालय पहुंचे तो वहां से मिली जानकारी ने उनके होश उड़ा दिए। रिकॉर्ड में शीला देवी को करीब 6 महीने पहले ही मृत घोषित किया जा चुका था।

बलदेव राज ने बताया कि इस जानकारी के मिलते ही उन्होंने फरवरी माह में ही विभाग के पास लिखित आवेदन जमा कर दिया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। एक तरफ पत्नी का महंगा इलाज चल रहा है तो दूसरी तरफ विभाग की इस लापरवाही ने उनकी आर्थिक स्थिति को और मुश्किल में डाल दिया है।
इस मामले पर जब सीएमओ डॉ. शशि दत्त शर्मा से बात की गई,तो उन्होंने इसे तकनीकी खामी करार दिया। उन्होंने बताया कि समस्या के समाधान के लिए उच्च अधिकारियों को लिख दिया गया है। सीएमओ ने स्पष्ट किया कि शीला देवी का पिछला मेडिकल अस्थायी था, इसलिए उन्हें अब दोबारा मेडिकल बोर्ड के समक्ष पेश होना पड़ेगा और स्थायी मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाना होगा। इसके बाद ही सहारा पैंशन के लिए दोबारा आवेदन करना होगा।

