Kullu: लाहौल की 6,048 मीटर अज्ञात चोटी पर पहली बार लहराया तिरंगा, गिमनर सिंह ने रचा विश्व रिकॉर्ड

punjabkesari.in Thursday, Aug 27, 2026 - 05:54 PM (IST)

कुल्लू (दिलीप ठाकुर): प्रदेश के साहसिक खेल इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। लाहौल-स्पीति जिले में स्थित 6,048 मीटर ऊंची एक अज्ञात व अछूती चोटी पर 10 सदस्यीय पर्वतारोही दल ने पहली बार सफलतापूर्वक चढ़ाई कर तिरंगा फहराया है। इस ऐतिहासिक अभियान के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं खेल संस्थान मनाली के पैराग्लाइडिंग अनुदेशक गिमनर सिंह ने इस 6,048 मीटर ऊंचे बर्फीले शिखर से पैराग्लाइड करके नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है। वह इतनी अत्यधिक ऊंचाई से पहला सफल पैराग्लाइडिंग अटैम्प्ट करने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति बन गए हैं।

5 दिनों में फतह किया मिशन
इंडियन माऊंटेनियरिंग फाऊंडेशन द्वारा प्रस्तावित यह साहसिक अभियान 22 अगस्त को शुरू हुआ था। शून्य से नीचे के तापमान, अत्यधिक कम ऑक्सीजन और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का सामना करते हुए इस जांबाज दल ने मात्र 5 दिनों में 26 अगस्त को चोटी के शिखर पर पहुंचकर इतिहास रच दिया।

दल के नाम पर होगा चोटी का नामकरण
10 सदस्यीय अभियान दल के लीडर देश राज ने बताया कि वर्तमान में इस चोटी का कोई नाम दर्ज नहीं है। पर्वतारोहण के नियमों के अनुसार जो भी दल या व्यक्ति किसी अज्ञात अथवा अछूती चोटी पर पहली बार चढ़ाई करता है, उस चोटी का नामकरण उसी दल या व्यक्ति के नाम पर करने का प्रावधान है। देशराज के अनुसार जल्द ही इस चोटी के आधिकारिक नामकरण को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

टीम में शामिल रहे ये जांबाज
इस बेहद कठिन और गौरवशाली मिशन को सफल बनाने वाले 10 सदस्यीय दल में पर्वतारोही और साहसी युवा शामिल थे। टीम में रिकॉर्डधारी पायलट अनुदेशक गिमनर सिंह के साथ लक्ष्य दत्त, राम कुमार, अंकित सिंह, रणजीत ठाकुर, गौरव, सौरव और महिला प्रतिभागी केला देवी शामिल रहीं। सभी सदस्यों ने आपसी तालमेल और अदम्य साहस का परिचय देते हुए इस दुर्गम चोटी पर पहली बार भारत का गौरव बढ़ाया।

हिमाचल बनेगा पर्वतारोहियों का नया गढ़
अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं खेल संस्थान मनाली के पैराग्लाइडिंग अनुदेशक गिमनर सिंह ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के लाहौल जिले में 6,000 मीटर से ऊंची कई ऐसी चोटियां हैं जो अभी तक अछूती हैं। अब पर्वतारोहियों और साहसिक खेल प्रेमियों को एक ही स्थान पर 6,100 मीटर ऊंची 'ऊनम पीक' और यह नई 6,048 मीटर की चोटी (जिसका नामकरण होना बाकी है) दोनों मिल जाएंगी। इससे पहले पर्वतारोहियों को ऐसी ऊंची चढ़ाई के लिए लेह-लद्दाख का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब हिमाचल में ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर का ट्रैक और शिखर उपलब्ध होगा। इससे बाहरी राज्यों और विदेशों से आने वाले पर्यटकों व पर्वतारोहियों की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर नए पर्यटन स्वरोजगार के रास्ते खुलेंगे।

नशे के खिलाफ युवाओं को साहसिक खेलों से जोड़ने का संदेश
अभियान दल का मुख्य लक्ष्य और उद्देश्य देश की युवा पीढ़ी को साहसिक गतिविधियों और पर्वतारोहण के प्रति प्रेरित व जागरूक करना था। अभियान लीडर और टीम के सदस्यों ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी घरों में बैठकर शारीरिक व मानसिक रूप से कमजोर हो रही है। पर्वतारोहण जैसी साहसिक गतिविधियां युवाओं को शारीरिक रूप से सुदृढ़ और मानसिक रूप से मजबूत बनाती हैं। इसके अलावा युवाओं का ध्यान रचनात्मक और साहसिक खेलों की तरफ मोड़कर उन्हें नशे के जानलेवा जंजाल से पूरी तरह दूर रखा जा सकता है।


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Content Writer

Kuldeep