Himachal: सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम कसने को लेकर जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित
punjabkesari.in Tuesday, Jan 06, 2026 - 03:18 PM (IST)
कुल्लू, (संजीव जैन)। उपायुक्त तोरुल एस. रवीश की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण तथा सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राजेश भंडारी, एसडीएम कुल्लू निशांत ठाकुर, सहायक आयुक्त जयबंती ठाकुर, डीएसपी राजेश कुमार, अधिशाषी अभियंता लो. नि. वि. कुल्लू बीएस नेगी सहित शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग, एनएचएआई के अधिकारी तथा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
उपायुक्त ने बैठक के दौरान कहा कि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने जिले में चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर चरणबद्ध तरीके से सुधारात्मक कार्य करने तथा ऐसे स्थलों पर यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से आवश्यक साइन बोर्ड, चेतावनी संकेत, ट्रैफिक लाइट्स, सीसीटीवी कैमरे तथा स्पीड कंट्रोल उपाय लागू करने के निर्देश दिये, ताकि दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम किया जा सके।
बैठक में विशेष रूप से अंधे मोड़ों पर हो रही दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए वहां कन्वैक्स मिरर लगाने के निर्देश दिये, जिससे वाहन चालकों को सामने से आने वाले यातायात की स्पष्ट जानकारी मिल सके। इसके साथ ही सड़कों के किनारे किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए, ताकि सड़कों की चौड़ाई एवं दृश्यता बनी रहे।
इसके अतिरिक्त गेमन ब्रिज के समीप सड़क किनारे खड़े ईंटों से लदे भारी वाहनों के कारण यातायात में उत्पन्न हो रही बाधा और दुर्घटना की आशंका को देखते हुए ऐसे ट्रकों को तत्काल हटाने तथा भविष्य में वहां अनधिकृत पार्किंग पर सख्त कार्रवाई करने पर भी चर्चा की गई। प्रशासन द्वारा यातायात व्यवस्था को सुचारू एवं सुरक्षित बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी और आवश्यक कदम उठाने पर बल दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि लावारिश पशु भी सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों पर पशु न केवल यातायात को बाधित कर रहे हैं, बल्कि गंभीर दुर्घटनाओं का कारण भी बन रहे हैं। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए उपायुक्त ने नगर परिषदों एवं ग्राम पंचायतों के साथ समन्वय स्थापित कर विशेष अभियान चलाने के स्पष्ट निर्देश दिए। इस अभियान के तहत लावारिश पशुओं को चिन्हित कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा सड़कों के किनारे पशुओं की आवाजाही को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने पर बल दिया गया।
इसके साथ ही उपायुक्त ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सेफ ड्राइविंग को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आमजन में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर, योजनाबद्ध एवं व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए। इन अभियानों के माध्यम से तेज गति, ओवरलोडिंग, हेलमेट व सीट बेल्ट के उपयोग, मोबाइल फोन का प्रयोग न करने तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करने जैसे विषयों पर लोगों को नियमित रूप से जागरूक किया जाएगा।
बैठक में सड़क सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा की गई। रात्रि के समय दुर्घटनाओं को रोकने एवं निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रमुख सड़कों एवं दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में नाइट विज़न कैमरों की स्थापना पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त, ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाते हुए सघन जांच अभियान चलाने तथा दोषियों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
उपायुक्त ने भविष्य की पीढ़ी को सड़क सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से रोड सेफ्टी क्लबों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों में सक्रिय रोड सेफ्टी क्लबों के माध्यम से विद्यार्थियों के साथ-साथ आमजन को सड़क सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों, यातायात नियमों तथा सुरक्षित व्यवहार की जानकारी दी जाए।
उन्होंने नए ड्राइविंग लाइसेंस जारी करते समय आवेदकों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति विशेष रूप से जागरूक करने का सुझाव दिया। इसके अलावा सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर वहां आवश्यक सुधार, साइन बोर्ड, कन्वैक्स मिरर और कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन, पुलिस, परिवहन विभाग और स्थानीय निकायों के समन्वय से ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।

