खामोश मौत! कंडक्टर जगाता रहा... पर मुसाफिर नहीं उठा, बस की सीट पर मृत मिला यात्री

punjabkesari.in Monday, Mar 09, 2026 - 11:11 AM (IST)

हिमाचल डेस्क। बिलासपुर जिले के घुमारवीं में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां एक शख्स की 'नींद' कभी न टूटने वाली खामोशी में बदल गई। एक निजी बस में सवार होकर अपने गंतव्य की ओर जा रहा व्यक्ति सफर के दौरान ही दुनिया को अलविदा कह गया, और साथ बैठे सहयात्रियों को भनक तक नहीं लगी।

क्या है पूरा मामला?

भराड़ी उप-तहसील के दमेहड़ा गांव का रहने वाला 40 वर्षीय संजीव कुमार उखली से एक निजी बस में सवार हुआ था। उसने डंगार तक का टिकट लिया और अपनी सीट पर आराम से बैठ गया। सफर के दौरान किसी को भी यह अंदेशा नहीं हुआ कि संजीव की तबीयत खराब है या उसे कोई तकलीफ है। बस अपनी रफ्तार से चलती रही और संजीव अपनी सीट पर सिर टिकाए शांत बैठा रहा।

जब मंजिल बीत गई, पर मुसाफिर नहीं उठा

हैरानी और दुख की बात यह रही कि संजीव का गंतव्य (डंगार) पीछे छूट गया, लेकिन वह बस से नहीं उतरा। जब बस घुमारवीं स्टैंड पर पहुंची, तब परिचालक की नजर उस पर पड़ी। कंडक्टर को याद आया कि इस यात्री को तो काफी पहले ही उतर जाना चाहिए था। उसे जगाने के लिए आवाजें दी गईं, हिलाया-डुलाया गया, लेकिन संजीव के शरीर में कोई हलचल नहीं थी।

अस्पताल में डॉक्टरों ने तोड़ी उम्मीद

बस स्टैंड पर अचानक हुई इस घटना से हड़कंप मच गया। तुरंत एम्बुलेंस बुलाई गई और उसे सिविल अस्पताल घुमारवीं ले जाया गया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था; वहां तैनात डॉक्टरों ने स्वास्थ्य जांच के बाद संजीव को मृत घोषित कर दिया।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मृतक अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों (बेटा व बेटी) का भरा-पूरा परिवार छोड़ गया है। इस असमय मौत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है।

प्रशासनिक कार्यवाही:

डीएसपी विशाल वर्मा के अनुसार, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल मौत की असली वजह का खुलासा नहीं हो पाया है। 


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Content Editor

Jyoti M

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