हिमाचल सरकार का बड़ा एक्शन: कल से लागू हाेगा ये कड़ा कानून, अब नहीं बचेंगे नकल माफिया
punjabkesari.in Sunday, Feb 08, 2026 - 12:43 PM (IST)
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश में अब सरकारी नौकरी पाने के लिए 'शॉर्टकट' अपनाने वालों और पेपर लीक करने वाले गिरोहों की खैर नहीं। प्रदेश सरकार ने परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए एक अभेद्य कानूनी कवच तैयार कर लिया है। 9 फरवरी से राज्य में 'हिमाचल प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2025' पूरी तरह प्रभावी हो गया है। कार्मिक विभाग द्वारा जारी यह अधिसूचना प्रदेश की चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता के एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।
क्यों पड़ी इस कड़े कानून की जरूरत?
पिछले कुछ समय में भर्ती परीक्षाओं में जिस तरह से पेपर लीक और संगठित धोखाधड़ी के मामले सामने आए, उसने ईमानदार और मेहनती युवाओं के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया था। इसी 'नकल माफिया' की कमर तोड़ने और सिस्टम में जनता का विश्वास बहाल करने के लिए सरकार ने इन सख्त प्रावधानों को जमीन पर उतारा है।
नए कानून के मुख्य स्तंभ:
यदि कोई अभ्यर्थी परीक्षा के दौरान नकल करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे दो साल तक की जेल की हवा खानी पड़ सकती है। इसके साथ ही भारी आर्थिक दंड का भी प्रावधान किया गया है।
यह कानून केवल छात्रों तक सीमित नहीं है। परीक्षा के संचालन में तैनात अधिकारी, कर्मचारी या कोई भी बाहरी व्यक्ति यदि पेपर लीक करने या गोपनीयता भंग करने में शामिल पाया जाता है, तो उनके खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
डिजिटल युग में ब्लूटूथ, गैजेट्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। परीक्षा प्रणाली या कंप्यूटर सिस्टम से छेड़छाड़ करना अब एक गंभीर और दंडनीय अपराध की श्रेणी में होगा।
प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और उत्तर पुस्तिकाओं की गोपनीयता के लिए अब परीक्षा कराने वाली संस्थाओं को उच्च स्तरीय सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।

