"हिमाचल की चुनौतियों का तकनीकी समाधान खोजें युवा", दीक्षांत समारोह में बोले राज्यपाल कविंद्र गुप्ता
punjabkesari.in Thursday, Sep 03, 2026 - 05:53 PM (IST)
Una News : हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए ऐसी तकनीक विकसित करने की जरूरत है, जो संभावित आपदाओं की पूर्व जानकारी दे और समय रहते नुकसान को कम करने में मदद करे। आईआईआईटी ऊना के युवा प्रौद्योगिकीविद इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। यह बात राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने आईआईआईटी ऊना के 8वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कही। यह समारोह गुरुवार को लता मंगेशकर कला केंद्र ऊना के सभागार में आयोजित किया गया।
राज्यपाल ने स्नातकों से हिमाचल प्रदेश की आवश्यकताओं के अनुरूप आपदा प्रबंधन, कृषि, जल संरक्षण और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में तकनीकी समाधान विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा की सार्थकता तब है, जब ज्ञान और नवाचार को समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि एआई, आईओटी, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकें तेजी से दुनिया को बदल रही हैं। ऐसे दौर में युवा प्रौद्योगिकीविदों को अपनी तकनीकी दक्षता का उपयोग ऐसे समाधानों के विकास में करना चाहिए, जिनका लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचे।
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने स्नातकों, उनके परिवारों और संकाय सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह शिक्षा के एक चरण का समापन होने के साथ नई जिम्मेदारियों और संभावनाओं से भरी यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से कहा कि आपकी डिग्री आपकी मंजिल नहीं है, यह आपकी यात्रा की नींव है। उन्होंने कहा कि संस्थान से निकल रहे युवा अपने साथ माता-पिता का विश्वास, शिक्षकों की अपेक्षाएं और राष्ट्र की आशाएं लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने युवाओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन-2047 के अनुरूप विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने, बदलती तकनीक के साथ निरंतर सीखते रहने और अपने ज्ञान का उपयोग समाज तथा राष्ट्र के हित में करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने तकनीकी दक्षता के साथ चरित्र, ईमानदारी और जिम्मेदार नागरिकता को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता तथा समाज के प्रति अपने दायित्वों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया।

