10वीं की उत्तर पुस्तिकाओं से हुई थी छेड़छाड़, फोरेंसिक जांच में पुष्टि; बोर्ड अध्यक्ष ने लिया कड़ा संज्ञान
punjabkesari.in Saturday, May 23, 2026 - 02:07 PM (IST)
हिमाचल डेस्क : हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा की परीक्षा में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। बिलासपुर जिले के झंडूता परीक्षा केंद्र में उत्तर पुस्तिकाओं के साथ की गई छेड़छाड़ की पुष्टि अब फोरेंसिक जांच में हो गई है। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की है। साथ ही, बोर्ड ने प्रभावित छात्रों के शैक्षणिक भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें अंकों का लाभ देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
ऐसे खुली पोल
यह मामला मार्च 2025 में आयोजित दसवीं की परीक्षा से जुड़ा है। झंडूता केंद्र पर परीक्षा देने वाले राजकीय उच्च पाठशाला ज्योरा के 9 छात्रों ने बोर्ड को लिखित शिकायत दी थी कि उनकी उत्तर पुस्तिकाओं के बहुविकल्पीय प्रश्न भाग के साथ छेड़छाड़ की गई है। बोर्ड ने अक्टूबर 2025 में छात्रों को मुख्यालय बुलाकर उनके सामने उत्तर पुस्तिकाएं दिखाईं। संदेह पुख्ता होने पर प्रतियों को क्षेत्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला धर्मशाला भेजा गया, जहां रासायनिक और तकनीकी जांच में टैंपरिंग की पुष्टि हुई। जांच समिति को पड़ताल के दौरान सबसे बड़ा सुबूत उत्तर पुस्तिकाओं की पैकिंग में मिला। पाया गया कि उत्तर पुस्तिकाओं को भेजने के लिए उपयोग किए गए "टैंपर-प्रूफ" लिफाफों के सीरियल नंबर पैकिंग मेमो में दर्ज नंबरों से अलग थे। इससे यह स्पष्ट हो गया कि परीक्षा केंद्र या परिवहन के दौरान जानबूझकर लिफाफों की अदला-बदली की गई थी ताकि उत्तर पुस्तिकाओं तक पहुंच बनाई जा सके।
"छात्रों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं होगा"
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने स्पष्ट किया कि छात्रों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं होगा। विशेष जांच समिति की सिफारिशों के आधार पर बोर्ड ने तय किया है कि जिन प्रश्नों के साथ छेड़छाड़ हुई है, प्रभावित छात्रों को उनके पूरे अंक दिए जाएंगे। मामले की विस्तृत रिपोर्ट और सुबूत शिक्षा विभाग को सौंप दिए गए हैं ताकि जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो सकें।

