एक क्लिक और खाली हो गया बैंक खाता! सरकारी आवास योजना के नाम पर साइबर फ्रॉड, अकाउंट से उड़ गए ₹7 लाख

punjabkesari.in Thursday, Feb 05, 2026 - 12:23 PM (IST)

Himachal News: डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर ठग अब आम जनता के विश्वास का फायदा उठाने के लिए सरकारी योजनाओं को ढाल बना रहे हैं। ताजा मामला हिमाचल प्रदेश के जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के नलसूहा गांव से सामने आया है, जहां 'प्रधानमंत्री आवास योजना' के एक फर्जी लिंक ने एक व्यक्ति की उम्र भर की जमापूंजी को पल भर में गायब कर दिया। ठगों ने न केवल पीड़ित का मोबाइल हैक किया, बल्कि बैंक की कथित ढिलाई के चलते उनकी करीब 7 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) भी तोड़ डाली।

क्या है पूरा मामला?

नलसूहा निवासी रविकांत के अनुसार, यह घटना 20 जनवरी को शुरू हुई जब उनके व्हाट्सएप पर पीएम आवास योजना से संबंधित एक लिंक आया। योजना का लाभ मिलने की उत्सुकता में जैसे ही उन्होंने लिंक पर क्लिक किया, उनका स्मार्टफोन असामान्य व्यवहार करने लगा। मोबाइल पूरी तरह हैक हो चुका था।

बैंक पर लापरवाही का आरोप

खतरे को भांपते हुए रविकांत ने तत्काल देहरा स्थित अपने निजी बैंक से संपर्क किया और खाता 'फ्रीज' करने का अनुरोध किया। पीड़ित का आरोप है कि बैंक को समय रहते सूचना दी गई थी कि उनका फोन हैक हो चुका है, फिर भी बैंक अधिकारियों ने खाते को सुरक्षित करने में तत्परता नहीं दिखाई। इसी बीच ठगों ने शातिर तरीके से पीड़ित का सिम कार्ड भी बंद करवा दिया, जिससे उन्हें बैंक से आने वाले किसी भी अलर्ट मैसेज का पता नहीं चल सका।

दो दिन बाद खुला राज

जब दो दिन बाद मोबाइल और सिम वापस चालू हुए, तो रविकांत के होश उड़ गए। उनके पास मैसेज आया कि उनकी 7 लाख रुपये की एफडी ब्याज सहित तोड़कर रकम निकाल ली गई है। पीड़ित का कहना है कि इस बड़ी चूक पर बैंक प्रबंधन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है।

पुलिस और साइबर सेल में शिकायत दर्ज

न्याय की गुहार लगाते हुए रविकांत ने एसपी देहरा और साइबर क्राइम सेल को लिखित शिकायत दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। एसपी देहरा मयंक चौधरी ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है।
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Swati Sharma

Related News