फतेहपुर, इंदौरा और नूरपुर में कांग्रेस की बैठकें, मतदाता सूची और पेपर लीक समेत मुद्दों पर हुई चर्चा
punjabkesari.in Saturday, Oct 03, 2026 - 05:20 PM (IST)
नूरपुर (राहुल राणा) : कांग्रेस ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और पार्टी की ओर से उठाए जा रहे जनमुद्दों को जनता तक पहुंचाने के लिए जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में फतेहपुर, इंदौरा और नूरपुर विधानसभा क्षेत्रों में ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों की बैठकें आयोजित की गईं। फतेहपुर में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की बैठक लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कांगड़ा जिला कांग्रेस प्रभारी एवं ऊना के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा तथा राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं फतेहपुर विधायक भवानी सिंह पठानिया विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अनुराग शर्मा ने कहा कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित करने और स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों को घर-घर तक पहुंचाने के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। बैठक में एसआईआर, मतदाता सूचियों, कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के आरोप, पेपर लीक सहित विभिन्न मुद्दों को जनता के बीच ले जाने की रणनीति पर चर्चा की गई। कांगड़ा जिला कांग्रेस प्रभारी सतपाल रायजादा ने कहा कि कार्यकर्ता संगठन की रीढ़ हैं और बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि एसआईआर और मतदाता सूची से संबंधित कांग्रेस की चिंताओं को भी जनता के बीच रखा जाएगा।
बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस के रुख पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस एसआईआर और मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाती रही है। राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं फतेहपुर विधायक भवानी सिंह पठानिया ने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता को संगठन को मजबूत करने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव और बूथ स्तर तक पहुंचकर लोगों से संवाद स्थापित करने तथा स्थानीय समस्याओं को उठाने का आह्वान किया। बैठक में अभियान को पंचायत स्तर से लेकर बूथ स्तर तक ले जाने और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपकर उन्हें सक्रिय करने पर जोर दिया गया।

