हमीरपुर के इन पांच गांवों में सामुदायिक मध्यस्थता योजना शुरू, आपसी सहमति से सुलझेंगे छोटे-मोटे विवाद
punjabkesari.in Friday, Oct 02, 2026 - 04:27 PM (IST)
Hamirpur News : हिमाचल प्रदेश में हमीरपुर जिले के पांच गांवों में प्रायोगिक आधार पर सामुदायिक मध्यस्थता योजना शुरु की गयी है। इस योजना में स्वाहल, ब्याड, धमरोल, मझियार और रोपा गांव शामिल है। इसके लिए खास तौर पर प्रशिक्षित सामुदायिक मध्यस्थ रखे गए हैं। इनके जरिए कई झगड़े सुलझाए जा सकते हैं और इन झगड़ों में शामिल लोग सीधे संपर्क भी कर सकते हैं। ज्यादा जानकारी के लिए, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से 01972-224399 पर या राष्ट्रीय विधिक सहायता हेल्पलाइन नं 15100 पर संपर्क किया जा सकता है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुलदीप शर्मा ने कहा कि अदालत में अक्सर पहुंचने वाले कई छोटे-मोटे मामलों को मध्यस्थता और आपसी सहमति से सुलझाया जा सकता है। इससे सभी लोगों का समय और पैसा बचेगा और उनके रिश्तों में बेवजह की कड़वाहट नहीं आएगी। इससे अदालत का समय भी बचेगा। उन्होंने कहा कि इसे देखते हुए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (एनएएलएसए) ऐसे मामलों में मध्यस्थता और आपसी सहमति को बढ़ावा दे रही है। इस पहल के तहत एनएएलएसए ने 'विवाद-मुक्त और मुकदमे-मुक्त ग्रामीण भारत की ओर' नाम से एक अभियान शुरू किया है।'
इस अभियान के तहत सामुदायिक मध्यस्थ नियुक्त किए जा रहे हैं। वे लोगों के बीच मध्यस्थता करके आपसी सहमति से अलग-अलग मामलों को सुलझाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। अपने-अपने इलाकों में मध्यस्थता और आपसी सहमति को बढ़ावा देकर ये सामुदायिक मध्यस्थ इन इलाकों को मुकदमे-मुक्त बनाने में योगदान देंगे।

