यमराज की ''डाक'' में अनोखा पत्र! भरमौर के धर्मराज मंदिर पहुंची छत्तीसगढ़ के भक्त की अर्जी, पुनर्जन्म सहित जताई कई इच्छाएं
punjabkesari.in Sunday, Mar 29, 2026 - 02:39 PM (IST)
Chamba News : हिमाचल प्रदेश के भरमौर स्थित चौरासी मंदिर परिसर में स्थित दुनिया के इकलौते 'धर्मराज मंदिर' में इन दिनों एक पत्र चर्चा का विषय बना हुआ है। छत्तीसगढ़ के एक श्रद्धालु ने अपनी मनोकामनाओं को शब्दों में पिरोकर सीधे मृत्यु के देवता यमराज (धर्मराज) के द्वार भेजा है। डाक के जरिए पहुंचे इस पत्र ने न केवल मंदिर के पुजारियों को भावुक कर दिया है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी यह आस्था का केंद्र बन गया है।
चिट्ठी में दर्द भी और देशप्रेम भी
खुद को शनिदेव का भक्त और धर्मराज का अनुज बताने वाले इस अज्ञात श्रद्धालु ने अपनी आर्थिक तंगहाली का जिक्र करते हुए लिखा है कि वह स्वयं दर्शन करने में असमर्थ है, इसलिए पत्र के माध्यम से अपनी अर्जी लगा रहा है। श्रद्धालु की सबसे बड़ी और अनोखी इच्छा यह है कि उसका 'पुनर्जन्म' केवल भारत भूमि पर ही हो। पत्र में श्रद्धालु ने कई कामनाएं व्यक्त की हैं, जिनमें गंभीर बीमारियों से मुक्ति, जीवन के अंतिम समय में बिना कष्ट मृत्यु, 100 वर्ष से अधिक आयु, पुनर्जन्म भारत में होने की इच्छा, पुनर्जन्म के बाद पिछले जन्म की यादें (स्मृति), गरीब परिवार में जन्म लेकर माता-पिता का सानिध्य प्राप्त करना और परिवार के सुखी जीवन के लिए शिक्षा जैसी मांगें शामिल हैं।
पुजारी ने की विशेष पूजा-अर्चना
मंदिर के पुजारी भुवनेश दत्त ने बताया कि यद्यपि श्रद्धालु अक्सर भगवान शिव और धर्मराज से संपर्क के अलग-अलग तरीके अपनाते हैं, लेकिन इस तरह के विस्तृत पत्र बहुत कम मिलते है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के इस श्रद्धालु की भावनाओं का सम्मान करते हुए मंदिर में उनके नाम से विशेष पूजा-अर्चना की गई है।
भरमौर में है इकलौता धर्मराज मंदिर
छठी शताब्दी से पूर्व स्थापित चौरासी मंदिर समूह में धर्मराज मंदिर का विशेष महत्व है। माना जाता है कि पूरे विश्व में यह इकलौता मंदिर है जहां धर्मराज की पूजा की जाती है। मणिमहेश की पवित्र यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु चौरासी मंदिर में माथा टेकना अनिवार्य मानते हैं। यहां धर्मराज शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं और भक्तों की गहरी आस्था का केंद्र हैं।

