Himachal: 8000 मणिमहेश श्रद्धालु किए रैस्क्यू, भरमौर में अब भी फंसे हैं 3000 से अधिक श्रद्धालु

punjabkesari.in Saturday, Aug 30, 2025 - 09:39 PM (IST)

चम्बा (काकू): भरमौर व आसपास के क्षेत्रों में फंसे मणिमहेश यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। श्रद्धालुओं को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर रैस्क्यू ऑप्रेशन चलाया है। प्रशासन की देखरेख और सैक्टर अधिकारियों की अगुवाई में दो दिनों के भीतर करीब आठ हजार श्रद्धालुओं को रैस्क्यू किया गया है। इनमें से अधिकतर को चम्बा पहुंचाने के बाद बसों व अन्य वाहनों के पठानकोट सहित अन्य स्थानों के लिए भेज दिया है।

शनिवार शाम तक करीब दो हजार श्रद्धालुओं को पैदल बग्गा की ओर रवाना किया गया है। वहीं चम्बा-भरमौर एन.एच. को बग्गा तक बहाल किया जा चुका है। हालांकि अब भी तीन हजार से अधिक श्रद्धालु भरमौर की ओर फंसे हुए हैं, जिन्हें रविवार तक रैस्क्यू किया जा सकता है। शनिवार को करीब 40 बसें के अलावा अन्य वाहनों में भी श्रद्धालुओं को पठानकोट की ओर भेजा गया है। जिला मुख्यालय चम्बा में करीब आठ हजार श्रद्धालु रुके थे।

इनमें से करीब 80 फीसद श्रद्धालु चौगान की परिक्रमा करने के बाद लौट गए हैं। आपदा मित्र, होमगार्ड जवान, एन.सी.सी. कैडेट, स्थानीय स्वयंसेवक, पुलिस कर्मी और प्रशासनिक अधिकारी लगातार श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने और राहत कार्यों में जुटे हैं। श्रद्धालुओं के लिए कलसुईं, धरवाला और ढकोग में तीन नि:शुल्क लंगर चलाए जा रहे हैं, जहां भोजन, चाय और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मंडलायुक्त कांगड़ा ने मुख्य सचिव हिमाचल प्रदेश सरकार को भेजी स्थिति रिपोर्ट में बताया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर हवाई मार्ग से भी राहत पहुंचाने की तैयारी कर ली गई है।

एडीएम चम्बा अमित मेहरा का कहना है कि प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी और राहत व्यवस्था को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है। भरमौर से सैक्टर अधिकारियों की देखरेख में श्रद्धालु पैदल यात्रा कर देर रात में सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे हैं। उनकी सुविधा के लिए बसें और टैक्सियां तैनात की गई हैं।

एसई लोक निर्माण विभाग जीत सिंह ठाकुर का कहना है कि चम्बा-भरमौर मार्ग को बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। बग्गा तक मार्ग को बहाल किया जा चुका है।

 


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Kuldeep

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