Bilaspur: एम्स में अब कैंसर से लेकर निमोनिया का होगा आधुनिक तकनीक से सटीक उपचार
punjabkesari.in Thursday, Jan 29, 2026 - 05:56 PM (IST)
बिलासपुर (बंशीधर): अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर के शुरू होने के बाद अब जिले और प्रदेश के लोगों को गंभीर एवं जटिल बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। एम्स में लगातार ऐसी अत्याधुनिक जांच तकनीकें विकसित की जा रही हैं, जो राष्ट्रीय स्तर के अस्पतालों के बराबर मानी जाती हैं। इन सुविधाओं से कैंसर, गंभीर संक्रमण और आईसीयू में भर्ती मरीजों के उपचार को नई मजबूती मिलेगी।
जानकारी के अनुसार मैडीकल ऑन्कोलॉजी और क्रिटिकल केयर विभागों में उन्नत मशीनों और जांच प्रणालियों की स्थापना की जा रही है, जिससे मरीजों की बीमारी की तेज, सटीक और वैज्ञानिक पहचान संभव हो सके। इसी कड़ी में एम्स बिलासपुर में अब ऑटोमेटिड हेमेटोलॉजी एनालाइजर के माध्यम से अत्यंत सटीक रक्त जांच शुरू की जा रही है। एम्स प्रशासन ने इस मशीन की खरीद प्रक्रिया आरंभ कर दी है।
जानकारी के अनुसार यह मशीन खून के सफेद कणों का 5 भागों में विश्लेषण करती है, जिससे कैंसर, एनीमिया, संक्रमण और प्लेटलेट की कमी जैसी गंभीर बीमारियों की पहचान पहले से कहीं अधिक सटीक होगी। खास बात यह है कि इससे कीमोथैरेपी से पहले और बाद में मरीज की स्थिति का वैज्ञानिक आकलन संभव होगा, जिससे इलाज अधिक सुरक्षित और प्रभावी बन सकेगा।
गंभीर संक्रमण की होगी त्वरित पहचान
एम्स बिलासपुर में जल्द ही मल्टीप्लेक्स पीसीआर जांच की सुविधा भी शुरू होने जा रही है। इसके लिए आवश्यक मशीनरी की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस तकनीक के शुरू होने से गंभीर श्वसन संक्रमण और निमोनिया से पीड़ित मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
मल्टीप्लेक्स पीसीआर की मदद से एक ही सैंपल में कई बैक्टीरिया, वायरस और कुछ फंगस की पहचान संभव होगी। जहां पहले ऐसी जांच रिपोर्ट आने में कई दिन लग जाते थे, वहीं अब 1 से 2 घंटे में सटीक परिणाम उपलब्ध होंगे, जिससे डाक्टर तुरंत सही दवा शुरू कर सकेंगे और मरीज की जान बचाने में समय की अहम भूमिका निभाई जा सकेगी।
आईसीयू मरीजों की हर पल होगी निगरानी
इसके साथ ही एम्स बिलासपुर में गंभीर और ऑप्रेशन के बाद भर्ती मरीजों के लिए डिस्पोजेबल प्रैशर ट्रांसड्यूसर किट भी खरीदी जा रही है। इसके माध्यम से रक्तचाप और आंतरिक रक्त प्रवाह की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी। किसी भी आपात स्थिति में चिकित्सकों को तुरंत निर्णय लेने में सहायता मिलेगी, जिससे इलाज के दौरान जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
अब तक गंभीर मरीजों को उन्नत जांच और इलाज के लिए चंडीगढ़ या दिल्ली जैसे बड़े चिकित्सा केंद्रों में रैफर करना पड़ता था, लेकिन एम्स बिलासपुर में इन आधुनिक सुविधाओं के शुरू होने से मरीजों को अपने ही क्षेत्र में समय पर और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सकेगा।
एम्स प्रबंधन का कहना है कि इस स्तर की जांच सुविधाएं किसी भी एम्स संस्थान की पहचान होती हैं। इन तकनीकों के सशक्त होने से एम्स बिलासपुर न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि आसपास के राज्यों के मरीजों के लिए भी एक भरोसेमंद और आधुनिक चिकित्सा केंद्र के रूप में उभरकर सामने आएगा।

