Bilaspur: एसीसी सीमैंट प्लांट में कर्मचारियों की मिलीभगत से हाे रहा था ये बड़ा घोटाला, 5 लाेगाें के खिलाफ FIR दर्ज
punjabkesari.in Friday, Nov 28, 2025 - 05:35 PM (IST)
बिलासपुर (बंशीधर): हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में स्थित एसीसी बरमाणा सीमैंट प्लांट में घोटाले का एक मामला सामने आया है। यहां कंपनी के ही कर्मचारियों की मिलीभगत से सीमैंट की बोरियों की हेराफेरी की जा रही थी। एक औचक निरीक्षण के दौरान इस घोटाले का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें तय सीमा से अधिक सीमैंट ट्रकों में लोड किया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में ट्रक चालक और कंपनी के 4 कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार एसीसी लॉजिस्टिक ऑफिसर मनोज कुमार ने बताया कि यह मामला 26 नवम्बर का है। प्लांट में ट्रकों की रैंडम चैकिंग की जा रही थी। इस दौरान ट्रक नंबर (HP 69-5700) की जांच की गई। नियमों के मुताबिक ट्रक में 240 सीमैंट बैग होने चाहिए थे, लेकिन गिनती करने पर उसमें 321 बैग पाए गए। यानी एक ही ट्रक में 81 बैग अवैध रूप से अधिक लोड किए गए थे।
सीमैंट की बोरियों में इतनी बड़ी गड़बड़ी मिलने के बाद इसकी सूचना मुख्य संयंत्र प्रबंधक महावीर सिंह को दी गई। उनके निर्देश पर तुरंत ट्रक की अनलोडिंग करवाई गई। कंपनी ने जब अपने स्तर पर जांच की तो यह साफ हो गया कि बिना अंदरूनी कर्मचारियों की मिलीभगत के ट्रक में इतना ज्यादा माल लोड होना और गेट से बाहर निकलना नामुमकिन था। जांच के दौरान पाया गया कि इस खेल में कई अहम पदों पर बैठे कर्मचारी शामिल थे। पुलिस ने एसीसी लॉजिस्टिक ऑफिसर की शिकायत पर रोहित शर्मा (ट्रक चालक), बाबू लाल (सीमैंट लाेडर), मस्त राम (सुपरवाइजर), मदन भारद्वाज (टेल चैकर) और गोपाल गौतम (वेट ब्रिज ऑप्रेटर) के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
डीएसपी बिलासपुर मदन धीमान ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि एसीसी अधिकारी की शिकायत के आधार पर थाना बरमाणा में सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह खेल कब से चल रहा था और इसमें और कौन-कौन शामिल हो सकता है। मामले की गहनता से जांच जारी है।

