विधानसभा शीतकालीन सत्र को राज्यपाल की अनुमति, जानिए किन मुद्दों पर सरकार को घेरा विपक्ष

11/19/2019 9:58:22 PM

शिमला (ब्यूरो): हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र को बुलाने के लिए राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके तहत सत्र के दौरान कुल 6 बैठकें होंगी तथा 1 दिन गैर-सरकारी कार्य दिवस के लिए तय किया गया है। इससे पहले विधानसभा के शीतकालीन सत्र को धर्मशाला के तपोवन में आयोजित करने के लिए पहले ही प्रदेश मंत्रिमंडल की तरफ से सिफारिश की गई थी।

9 से 14 दिसम्बर के बीच आयोजित किया जाएगा सत्र

सत्र 9 से 14 दिसम्बर के बीच आयोजित किया जाएगा। विधानसभा का शीतकालीन सत्र 6 दिन रहने के कारण इस कैलेंडर वर्ष में हिमाचल प्रदेश विधानसभा 35 सीटिंग नहीं हो पाएगी। यानी इस कैलेंडर वर्ष में अब 30 ही सीटिंग हो पाएगी। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष लोकसभा चुनाव के चलते विधानसभा का बजट सत्र 4 से 18 फरवरी के बीच करवाया गया, जिसमें सिर्फ 13 सीटिंग ही हो पाई। इसके बाद 19 से 31 अगस्त तक विधानसभा के मानसून सत्र का आयोजन किया गया और इसमें भी 11 सीटिंग हो पाई। अब विधानसभा के शीतकालीन सत्र में 6 बैठकें होंगी।

हंगामेदार होगा सत्र, 2 नए सदस्य पहली बार लेंगे हिस्सा

विधानसभा के शीतकालीन सत्र के इस बार हंगामेदार रहने की संभावना है। विपक्ष की तरफ से सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी की जा रही है। इसमें विपक्षी कांग्रेस इन्वैस्टर मीट के आयोजन को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा कर सकती है। विपक्ष का आरोप है कि इन्वैस्टर मीट के नाम पर प्रदेश की जमीनों का सौदा किया जा रहा है। इसके अलावा कानून व्यवस्था, सड़कों की हालत और बाहरी लोगों को रोजगार देने से उपजे विवाद जैसे मामले उठ सकते हैं। सत्र के दौरान उपचुनाव में निर्वाचित 2 सदस्य पहली बार हिस्सा लेंगे। इसमें धर्मशाला से विशाल नैहरिया और पच्छाद से रीना कश्यप शामिल हैं। शीतकालीन सत्र में इस बार कई महत्वपूर्ण संशोधन विधेयकों को भी पारित किया जा सकता है।


Vijay

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