फौजियों की भक्ति को सलाम: कल मां चिंतपूर्णी के दरबार चढ़ाए थे पीतल के शेर, आज बाबा बालक नाथ मंदिर में भेंट की 1 क्विंटल की मूर्ति

punjabkesari.in Wednesday, Mar 25, 2026 - 02:26 PM (IST)

दियोटसिद्ध (रजत): देश की सरहदों पर दुश्मनों से लोहा लेने वाले भारतीय सेना के जवान अपने अराध्य देवी-देवताओं के प्रति भी गहरी आस्था रखते हैं। इसका एक जीवंत और भव्य उदाहरण उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर (दियोटसिद्ध) में देखने को मिला। यहां भारतीय सेना की 6 डोगरा बटालियन ने मंदिर प्रशासन को बाबा बालक नाथ की करीब एक क्विंटल वजनी पीतल की खूबसूरत प्रतिमा (मोर सवारी) भेंट की है। यह भव्य प्रतिमा 6 डोगरा बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल रविंद्र सिंह रावत, रिटायर्ड सूबेदार राकेश कुमार, सूबेदार अजमेर सिंह और सूबेदार विनोद कुमार की ओर से विशेष रूप से मंदिर दरबार में लाई गई और पूरे विधि-विधान के साथ मंदिर प्रशासन को भेंट की गई।

इस अवसर पर जानकारी देते हुए रिटायर्ड सूबेदार राकेश कुमार ने बताया कि वैसे तो उनकी 6 डोगरा बटालियन में सभी देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की जाती है, लेकिन बटालियन मुख्य तौर पर बाबा बालक नाथ, माता चिंतपूर्णी और माता ज्वाला जी को अपना ईष्ट मानकर पूजती है। सूबेदार राकेश कुमार ने बताया कि फौजी जवान बॉर्डर की लड़ाई के साथ-साथ धार्मिक सेवाओं में भी हमेशा आगे रहते हैं। इसी कड़ी में बीते कल ही 6 डोगरा बटालियन के सहयोग से माता चिंतपूर्णी के दरबार में भी दो पीतल के शेर भेंट किए गए थे और आज बाबा जी के दरबार में यह प्रतिमा चढ़ाई गई है।

2010 में बनवाया था मंदिर का भव्य गेट
यह पहली बार नहीं है जब 6 डोगरा बटालियन ने बाबा बालक नाथ के दरबार में अपनी हाजिरी लगाई हो। जवानों की बाबा जी के प्रति इस अगाध श्रद्धा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2010 में भी इसी बटालियन द्वारा बाबा बालक नाथ के दरबार में एक भव्य गेट का निर्माण करवाया गया था। सेना के जवानों द्वारा किए जा रहे इन धार्मिक कार्यों की स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं द्वारा भी खूब सराहना की जा रही है।

हिमाचल प्रदेश की खबरें पढ़ने के लिए हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें Click Here


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Vijay

Related News