गुरूग्राम केस से शिमला ने सीखा बड़ा सबक, बच्चों की सुरक्षा पर दिए ये निर्देश

गुरूग्राम केस से शिमला ने सीखा बड़ा सबक, बच्चों की सुरक्षा पर दिए ये निर्देश

शिमला: गुरूग्राम केस से राजधानी शिमला ने बड़ा सबक सीखा है। प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा पर एहतियातन कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। उपायुक्त रोहन चंद ठाकुर ने जिले के समस्त सरकारी और निजी स्कूल प्रिंसिपल से बैठक कर दिशा निर्देश जारी कर दिए है। उन्होंने कहा कि अब दूसरी कक्षा तक के छात्रों को अकेले शौचालय न भेजा जाए बल्कि उनके लिए आया रखी जाए। साथ ही शौचालय के बाद सीसीटीवी कैमरा लगाया जाए। ताकि बच्चों पर नजर रखी जा सके। वहीं स्कूल स्टाफ का भी पुलिस वेरिफिकेशन करवाया जाए। 


एक अक्तूबर को देना होगा ब्यौरा
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि स्कूल प्रबंधन बाल यौन शोषण पर सभी विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाएं। गैर सरकारी स्कूलों में अध्यापकों तथा अन्य सभी कर्मचारियों की नियुक्ति से पूर्व पुलिस द्वारा उनके चरित्र की जांच पड़ताल अवश्य करवाएं। वहीं स्कूल प्रिंसिपल के साथ हुई बैठक में मुख्य रूप से आठ कदम उठाने को कहा है। इस संबंध में उठाए गए कदमों का ब्यौरा एक अक्तूबर तक देना होगा। उन्होंने कहा कि बाल शोषण, पीओसीएसओ एक्ट की जानकारी अभिभावकों और बच्चों को देना, सीनियर छात्रों के लिए विशेष काउंसलिंग सेशन करने, अभिभावकों को स्कूल टैक्सी चालक की हर जानकारी अपने पास रखने, दूसरी कक्षा तक के बच्चों को शौचालय तक लाने ले जाने को आया की व्यवस्था करने के लिए कहा है।


 



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