वीरभद्र सिंह ने HPCA मामले पर घेरी जयराम सरकार, जानिए क्या बोले

वीरभद्र सिंह ने HPCA मामले पर घेरी जयराम सरकार, जानिए क्या बोले

शिमला: पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने एच.पी.सी.ए. के खिलाफ विभिन्न न्यायालयों में चल रहे मामलों को वापस लेने के लिए सरकार की तरफ से की जा रही कवायद को आश्चर्यजनक बताया है। उन्होंने कहा कि न्यायालय की अनुमति के बिना ऐसे मामलों को वापस नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार को जल्दबाजी एवं किसी दबाव में निर्णय लेने से बचना चाहिए। वीरभद्र सिंह ने यहां जारी बयान में कहा कि उच्चतम न्यायालय और राज्य के न्यायालय में एच.पी.सी.ए. को लेकर मामले पहले ही लंबित हैं। क्रिमिनल कोर्ट ने भी इसका संज्ञान लिया है, ऐसे में वर्तमान सरकार को न्यायालय के निर्णय की प्रतीक्षा करनी चाहिए। 

एच.पी.सी.ए. की लीज राशि को लेकर जल्दबाजी में लिया निर्णय
उन्होंने आरोप लगाया कि एच.पी.सी.ए. की लीज राशि को लेकर जल्दबाजी में राजनीतिक आधार पर निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि कानून को अपना काम करने देना चाहिए, ताकि न्याय मिल सके और दोषी पाए जाने पर आरोपियों को दंडित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस तरह के निर्णय लेने से पहले सरकार को सार्वजनिक हितों को ध्यान में रखना चाहिए और मामले वापस लेने से पहले अपने निर्णय पर पुनॢवचार करना चाहिए।

स्कूल-कालेज बंद करना सही नहीं : चौहान
वहीं हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता संजय सिंह चौहान ने राज्य सरकार की तरफ से स्कूल व कालेज सहित अन्य संस्थानों को बंद किए जाने के किसी भी फैसले का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा करके अपनी जिम्मेदारी से भागने का प्रयास कर रही है। वर्तमान सरकार को पूर्व कांग्रेस सरकार के समय में शुरू की गई योजनाओं पर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्थानों को बंद करने की स्थिति में सरकार को जंजैहली जैसे आंदोलन का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कोई भी संस्थान बंद करने से पहले संबंधित क्षेत्र के मंत्री, सांसद व विधायक से लिखित राय लेनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार लोगों को गुमराह करने के लिए पूर्व सरकार पर आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता सरकार की आलोचना गुण-दोष के आधार पर कर रहे हैं।



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