वीरभद्र बोले- मेरी ही अध्यक्षता में लड़ा जाएगा विधानसभा चुनाव, शंका है तो देवता से पूछ लो

वीरभद्र बोले- मेरी ही अध्यक्षता में लड़ा जाएगा विधानसभा चुनाव, शंका है तो देवता से पूछ लो

रिकांगपिओ/मनाली: हिमाचल प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव मेरे ही अध्यक्षता में लड़ा जाएगा और कांग्रेस मिशन रिपीट करेगी फिर भी मन में शंका है तो कामरू देवता बद्री नारायण से पूछ लेना। यह बात मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने किन्नौर जिला में हिमाचल पावर कार्पोरेशन की 195 मैगावाट की काशंग परियोजना के लोकार्पण के बाद मीडिया के सवालों के जवाब देते हुए कही। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश के चुनाव में कांग्रेस फिर से सत्तासीन होगी और मेरी अगुवाई में ही मिशन रिपीट करेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने विपक्ष पर प्रहार करते हुए बताया कि प्रजातंत्र के अंदर सबको बोलने का अधिकार है, जब तक प्रजातंत्र की रेखाओं के अंदर रह कर बोलते हैं तब तक स्वागत है और अगर प्रजातंत्र को भंग करेंगे तो कानून है तथा कानून अपना काम करेगा।


रोहतांग कोई स्वर्ग को जाने का दुनिया का एकमात्र रास्ता नहीं
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हिमाचल की जनता सब जानती है कि प्रदेश का विकास किस सरकार के शासनकाल में हुआ और किस सरकार के कार्यकाल के दौरान विकास कार्य ठप्प हुआ। सोमवार को बाहंग में विभिन्न योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए वीरभद्र ने कहा कि रोहतांग कोई स्वर्ग को जाने का दुनिया का एकमात्र रास्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को भी यह नहीं लगना चाहिए कि रोहतांग ही एकमात्र ऐसी जगह है जो इंद्रपुरी के रास्ते को जोड़ती है। इसके लिए हम मजबूत पक्ष एन.जी.टी. के समक्ष रख रहे हैं। सिर्फ रोहतांग के कारण ही दुनिया में ग्लोबल वार्मिंग की समस्या पैदा नहीं हो रही है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह रोहतांग को लेकर लगे विभिन्न प्रतिबंधों को लेकर नाराज दिखे। 


इस तरह के मुद्दों पर भाजपाई अपनी राजनीति चमकाने में लगे
उन्होंने कहा कि रोहतांग के लिए रोप-वे के पक्ष में वह भी नहीं थे। इसको लेकर एन.जी.टी. के समक्ष पक्ष भी रखा गया। मुख्यमंत्री ने इस मसले से प्रभावी तरीके से निपटने की बात कही। उन्होंने कहा कि स्थानीय पंचायतों की ओर से भी इस रोप-वे को लेकर आपत्तियां मिलीं। नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों के अनुसार सरकार भी इसके समाधान के लिए रास्ता तलाश रही है। हम इन समस्याओं के समाधान में लगे हैं और इस तरह के मुद्दों पर भाजपाई अपनी राजनीति चमकाने में लगे हैं। विरोधी लोगों की ऐसी समस्याओं पर राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं। मुख्यमंत्री ने रोहतांग का मसला उठाकर ऊझी घाटी के लोगों की दुखती रग पर हाथ रखा और खूब तालियां बटोरी। उन्होंने कहा कि इतने प्रतिबंध ठीक नहीं हैं। 


एन.जी.टी. के आदेशों का प्रदेश सरकार कर रही पालन
प्रतिबंध सिर्फ मनाली से रोहतांग तक के दायरे में हैं। ऐसे कदम उठाने से पहले इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि रोहतांग से आगे भी दुनिया और आबादी बसती है। 
देश के अन्य हिस्सों में भी पहाड़ी प्रदेश हैं और पहाड़ी क्षेत्र हैं, वहां तो इस तरह की कोई पाबंदियां नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एन.जी.टी. के आदेशों का प्रदेश सरकार पालन कर रही है लेकिन सरकार लोगों के हक-हकूक को भी नजरअंदाज नहीं कर सकती। मनाली अस्पताल में डॉक्टरों की खाली सीटों को भरने और सुविधाएं जुटाने की मुख्यमंत्री ने बात कही। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा चाहे 50 या 60 प्लस का दावा करे, इससे कांग्रेस को कोई फर्क नहीं पड़ता। भाजपा 68 का भी दावा कर सकती है। हमारा लक्ष्य यही है कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी बहुमत में आएगी और प्रदेश में सरकार बनाएगी। भाजपा सिर्फ  मोदी-मोदी किए जा रही है जिससे कुछ नहीं होने वाला है। 



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