वीरभद्र ने AIIMS को लेकर BJP नेताओं पर साधा निशाना, दिया यह बयान

वीरभद्र ने AIIMS को लेकर BJP नेताओं पर साधा निशाना, दिया यह बयान

हमीरपुर: मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भाजपा नेताओं पर एम्स को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इसके लिए जमीन भारत सरकार के नाम ट्रांसफर कर दी है, लेकिन भाजपा की अंदरूनी लड़ाई के चलते इसका काम रुका हुआ है। वहीं भाजपा का एक नेता इसे बिलासपुर तो दूसरा कहीं ओर खोलने की बात कर रहा है। वीरभद्र ने कहा कि देश के सभी राज्यों की तरह गैर भाजपा सरकारों को केंद्र से मिलने वाली धनराशि कोई खैरात नहीं है। उन्होंने कहा कि धनराशि देना भारत सरकार का अधिकार है। सीएम ने तंज सकते हुए कहा कि कई नेता कहते हैं वे दिल्ली जाकर इस धनराशि को रोक देंगे। इस जवाब पर सीएम ने कहा कि दिल्ली उनके दादा का घर नहीं हैं, जो बजट रुक जाएगा। 


समान रूप से धन राशि देना केंद्र की जिम्मेवारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग के गठन से पहले राज्य 90:10 की तुलना में केंद्रीस सहायता और विशेष श्रेणी पर्वतीय राज्य का दर्जा प्राप्त कर रहा था। उन्होंने कहा कि पूर्व यूपीए सरकार के शासनकाल में राज्य को 2767 करोड़ रुपए मिले थे, लेकिन केंद्र में एनडीए की सरकार सत्ता में आने के उपरांत अब सहायता बंद कर दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य को साल 2015-16 और 2016-17 के दौरान सामान्य केंद्रीय सहायता शीर्ष के अंतर्गत कोई राशि नहीं मिली है। मुख्यमंत्री ने ब्राहल्ड़ी में आयोजित जनसभा में कहा कि उन्होंने घर-द्वार पर शिक्षा के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में स्कूल और कॉलेज खोले हैं। विपक्षी दल उन पर रेवड़ियां बांटने का आरोप लगा रहा है लेकिन उन्हें विपक्ष की पसंद और नापसंद से कोई फर्क नहीं पड़ता। भाजपा नेता तुक्केबाजी और क्षेत्रवाद की राजनीति करते हैं। चुनाव के समय वह ऊपरी हिमाचल और निचला हिमाचल, क्षेत्रवाद, जाति के नाम पर वोट मांगते हैं।


मेरे पीछे हाथ धोकर पड़ी है केंद्र सरकार
वीरभद्र ने कहा कि वह एक कट्टर राष्ट्रवादी हैं और उनकी नजर में सबसे पहले देश और उसके बाद प्रदेश है। उन्होंने आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया। सीएम ने कहा कि एक ही मामले में सीबीआई और ईडी दो केंद्रीय जांच एजेंसियां लगी हुई हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हाथ धोकर मेरे पीछे पड़ी हुई है। मुख्यमंत्री के दो दिवसीय हमीरपुर दौरे के बावजूद विधानसभा क्षेत्र नादौन और सुजानपुर में नवनिर्मित भवनों का उद्घाटन नहीं हो सका। गलोड़ में 58 लाख की लागत से निर्मित सब तहसील भवन, सुजानपुर में 3.25 करोड़ से नवनिर्मित आईटीआई भवन का लोकार्पण कार्य बीच में ही छोड़कर मुख्यमंत्री शिमला लौट गए। हालांकि गलोड़ कस्बा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू का है। बताया जा रहा है कि इन दोनों भवनों के उद्घाटन का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम बना हुआ था।


 



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