शिमला में फिर आएगी यह मुसीबत, सैहब कर्मचारियों ने किया बड़ा ऐलान

शिमला में फिर आएगी यह मुसीबत, सैहब कर्मचारियों ने किया बड़ा ऐलान

शिमला: शिमला के बचत भवन में सैहब सोसायटी की विशेष बैठक रखी गई थी लेकिन कोरम पूरा न होने की वजह से बैठक स्थगित कर दी गई है। सैहब सोसायटी में कुल 140 सदस्य हैं। कोरम पूरा करने के लिए 70 सदस्य चाहिए थे लेकिन बैठक में 41 सदस्य ही पहुंच पाए। अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि जान-बूझकर कोरम पूरा नहीं किया गया या फिर कोई और बात है क्योंकि आरोप तो ये भी हैं कि निगम और सरकार दोनों ही नहीं चाहते हैं की 800 सफाई कर्मियों का वित्तीय बोझ उन पर पड़े। 

बैठक में नहीं आए शहरी विकास मंत्री 
आधा घंटा इंतजार करने के बाद भी कोरम पूरा नहीं हुआ तो नगर निगम की मेयर कुसुम सदरेट ने हाऊस की बैठक स्थगित कर दी। बैठक में शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा समय देने के बावजूद नही पहुंचे। इसके अलावा कई कांग्रेसी नेता भी सैहेब सोसायटी के सदस्य है। यहां तक कि भाजपा एवम कांग्रेस के 10 पार्षदों ने भी सफाई कर्मियों के लिए रखी इस विशेष बैठक में आना जरूरी नहीं समझा, जिसको लेकर बैठक में हंगामा भी हुआ और भाजपा विधायक एवं कांग्रेस पार्षदों कोरम पूरा होने पर एक-दूसरे पर आरोप लगाते नजर आए। 

वेतन बढ़ौतरी का फैसला लटका
सैहेब सोसायटी यूनियन के अध्यक्ष जसवंत सिंह ने कहा कि इस बैठक में शिमला में सैहब सोसायटी के अधीन घर-घर कूड़ा इकट्ठा करने वाले लगभग 800 सफाई कर्मियों की वेतन बढ़ौतरी का फैसला लिया जाना था लेकिन कोरम पूरा न होने फिर मामला लटक गया है। उसके बाद सैहेब सोसायटी ने नगर निगम को सीधी चेतावनी दी है कि कल से यानी कि 12 सितम्बर से शिमला का कूड़ा नहीं उठाएंगे, जिसके लिए नगर निगम जिम्मेदार होगा। उनका कहना है कि जान-बूझकर उनकी मांगों को लटकाने का प्रयास किया जा रहा है।



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