समय पर डॉक्टर न आने से खतरे में पड़ी गर्भवती महिला की जान (Watch Video)

धर्मशाला (जिनेश): जोनल अस्पताल धर्मशाला में नियमित गायनी विशेषज्ञ नहीं होने से एक गर्भवती महिला व उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की जान पर बन आई। आनन-फानन में अस्पताल प्रशासन ने महिला को टांडा अस्पताल में रैफर कर दिया, लेकिन बीच रास्ते में उसकी डिलीवरी हो गई। गनीमत यह रही कि प्रसूता महिला सकुशल है लेकिन क्रिटीकल डिलीवरी होने के चलते बच्चे को निगरानी में रखा गया है। हुआ यूं कि रविवार रात को एक महिला को डिलीवरी के लिए धर्मशाला अस्पताल लाया गया, लेकिन विशेषज्ञ के नहीं पहुंचने पर मजबूरी में महिला को टांडा रैफर करना पड़ा। 


इस दौरान बीच रास्ते में ही महिला की डिलीवरी हो गई, वहीं क्रिटीकल डिलीवरी होने के चलते नवजात बच्चे की हालत नाजुक बताई जा रही है। हालांकि अस्पताल प्रशासन के द्वारा ठेके पर रखे गए उक्त चिकित्सक को नोटिस जारी करने की बात कही जा रही है। लेकिन नियमित स्त्री रोग विशेषज्ञ न होने से मरीजों व उनके तामीरदारों को परेशानी हो रही है। अस्पताल प्रशासन के द्वारा एन.एच.एम. की गाइडलाइन के हिसाब से 2 गायनी विशेषज्ञों की सेवाएं ली जा रही है। यह दोनों चिकित्सकों को तय शर्तों के हिसाब से जरूरत पड़ने पर सिजेरियन या नॉर्मल डिलीवरी के लिए बुलाया जाता है। वहीं कई बार समय पर इन चिकित्सकों के नहीं पहुंचने पर गर्भवती महिला या बच्चे की जान पर बन आती है। 


डॉक्टरों के 17 पद खाली
प्रदेश सरकार के द्वारा खोले जा रहे मैडीकल कॉलेजों में चिकित्सकों की नियुक्ति करने से यहां के 3 विशेषज्ञों का तबादला हो चुका है। वहीं अन्य चिकित्सकों की भी बदली होने के कयास लगने से मरीजों की दिक्कतों में इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है। बता दें कि ओ.पी.डी. के मामले में डा. राजेंद्र प्रसाद मैडीकल कॉलेज को टक्कर देने वाले इस स्वास्थ्य संस्थान में मौजूदा समय में 17 चिकित्सकों के पद खाली पड़े है। जिला मुख्यालय के ही चिकित्सा संस्थान में इतने पद खाली होने से व्यवस्था पटरी में नहीं लौट रही है। 
 



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