बाबा अमरदेव मामले की जांच में पुलिस कर बैठी यह भूल, जानिए क्या

बाबा अमरदेव मामले की जांच में पुलिस कर बैठी यह भूल, जानिए क्या

सोलन: रूड़ा स्थित श्री रामलोक मंदिर के बाबा अमरदेव की गाड़ी में लगे पी.ए. सिस्टम (पब्लिक एड्रैस सिस्टम) को पहचानने में ही पुलिस भूल कर बैठी। बाहर से वायरलैस माऊथ पीस की तरह दिखने वाले यंत्र को वायरलैस सैट ही समझ बैठी। इस कारण खुफिया एजैंसियों के होश उड़ गए थे। आई.जी. (कानून व्यवस्था) दक्षिण रेंज जैड.एस. जैदी द्वारा वीरवार को गाड़ी का निरीक्षण करने पर पाया कि यह वायरलैस सैट नहीं बल्कि पी.ए. सिस्टम है। पुलिस की इस चूक की असली वजह गाड़ी का लॉक होना बताया जा रहा है। इसके कारण अगली सीट के साथ हैंड ब्रेक के पास पड़े सिस्टम के माऊथ पीस की पुलिस छानबीन नहीं कर पाई।

दिल्ली की एक बिल्डर कंपनी के नाम रजिस्टर्ड है गाड़ी 
गाड़ी के बाहर से देखने से यह वायरलैस सैट के माऊथ पीस की तरह ही लग रहा था। दिल्ली की एक बिल्डर कंपनी के नाम पर यह गाड़ी रजिस्टर्ड है। इसके कारण वायरलैस सैट समझकर यह आशंका व्यक्त की जा रही थी कि कहीं इसके तार दिल्ली से तो नहीं जुड़े हैं। सबसे बड़ी बात यह थी कि दिल्ली नम्बर की फॉच्र्यूनर कार में यह वायरलैस सैट लगा था और खुफिया एजैंसियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। इसको लेकर किए जा रहे सभी दावों पर अब सवाल खड़े हो गए हैं।  



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