सहकारी सभा के ऋण घोटाले की खुलने लगी परतें, सचिव ही नहीं और भी हैं शामिल

सहकारी सभा के ऋण घोटाले की खुलने लगी परतें, सचिव ही नहीं और भी हैं शामिल

हमीरपुर: टौणी देवी ब्लाक की बल्यूट सहकारी सभा में करीब 1 करोड़ रुपए के ऋण गलत तरीके से बांटकर सभा का सचिव पूरे परिवार सहित अचानक गायब हो गया, जिसके बाद बल्यूट सहकारी सभा में हुए करोड़ों रुपए के ऋण घोटाले का पर्दाफाश हुआ। सभा के सचिव व प्रबंधन कमेटी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए और स्थानीय लोगों के दबाव में संबंधित विभाग ने सभा में हुए ऋण घोटाले की जांच शुरू करने के साथ ही सभा के सचिव पर भी एफ.आई.आर. दर्ज करवा दी लेकिन बल्यूट सहकारी सभा में हुए करोड़ों रुपए के ऋण घोटाले की जांच में अब धीरे-धीरे सभी परतें खुल रही हैं, जिनके चलते बल्यूट सहकारी सभा में करोड़ों रुपए का ऋण घोटाले में अकेला सचिव ही नहीं बल्कि इसमें कई लोगों के इसमें शामिल होने का अंदेशा है। 

8 जून से चल रही ऋण घोटाले की जांच
वर्तमान समय में बल्यूट सभा में हुए करोड़ों रुपए के ऋण घोटाले की जांच 8 जून से चल रही है तथा जांच को अभी तक करीब 10 से 15 दिन और लगेंगे लेकिन विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बल्यूट सहकारी सभा में 2004-05 से ही गलत तरीके से ऋण आबंटन का कार्य चल रहा था, जिसकी जानकारी सभा के सचिव सहित सभा की प्रबंधक कमेटी को पूरी तरह थी। जांच में यह भी सामने आया था कि सभा ने अपने भवन के लिए कई वर्ष पहले जमीन खरीद ली थी लेकिन सभा ने अपना भवन नहीं बनाया और सभा का संचालन सचिव के घर से ही होता रहा, यही नहीं सभा के सचिव की पत्नी भी लोगों से पैसे ले लेती थी लेकिन उन्हें वह उनके खातों में जमा करवाती थी इसका कोई रिकार्ड नहीं मिला है।

वर्ष 2012-13 के ऑडिट में भी मिले थे हेराफेरी के सबूत
जब सभा का वर्ष 2012-13 में ऑडिट हुआ था तो उस समय भी सभा में ऋण आबंटन मामले में हेराफेरी होने के सबूत मिले थे, जिसमें सभा ने उन लोगों के पैसे जमा किए गए थे जोकि सभा के सदस्य ही नहीं थे और ऐसे लोगों को भी ऋण दे दिया गया था, जोकि सभा के सदस्य नहीं थे। यानी बल्यूट सहकारी सभा में हुए करोड़ों रुपए के ऋण घोटाले में सचिव सहित अन्य लोग भी शामिल थे, जिन पर भी आगामी समय में गाज गिरना तय माना जा रहा है।

क्या कहते हैं पंजीयक सहायक 
सहकारी सभाएं हमीरपुर के सहायक पंजीयक रोशन लाल खजूरिया ने बताया कि बल्यूट सहकारी सभा में हुए करोड़ों रुपए के ऋण घोटले में 68 लाख रुपए की रिकवरी हो चुकी है तथा 64 लाख रुपए की रिकवरी की जानी है। सभा के सचिव के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज कर ली गई है तथा सभा का ऑडिट डी.आई. रमेश शर्मा (बिलासपुर) व निरीक्षक सहकारी सभाएं सरकाघाट से करवाया जा रहा है। सभा में हुए करोड़ों रुपए के ऋण घोटाले की जांच अगले 10-15 दिनों में पूरी हो जाएगी तथा इसमें सचिव सहित अन्य लोगों के शामिल होने की पूरी संभावनाएं हैं। 



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