हिमाचल की एक और बेटी ने लिखी कामयाबी की गाथा, सेना में पाया ये स्थान

हिमाचल की एक और बेटी ने लिखी कामयाबी की गाथा, सेना में पाया ये स्थान

नादौन: क्षेत्र की बेटियां घरों की दहलीज पार करके माता-पिता और देश का नाम रोशन करने निकल पड़ी हैं। बदलते युग में मिल रहे अवसरों को बेटियां पूरी तरह से भुना रही हैं। जहां भी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल रहा है जरा भी नहीं चूक रही हैं। बेटियों की इस कामयाबी के पीछे अभिभावकों का पूरा योगदान है जो समान अवसर देकर बेटियों को आगे बढऩे का पूरा मौका दे रहे हैं। ऐसी ही एक कामयाबी की गाथा नादौन उपमंडल की पंचायत कोहला की बेटी ने लिखी है जिसने कठिन मेहनत करके भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में प्रवेश पाया है। साधारण घर में जन्मी दीक्षा कुमारी पुत्री अश्विनी मेहता कठिन मेहनत करके सेना में लैफ्टिनैंट बनी है। हाल ही में कमीशन पास करके दीक्षा कुमारी ने यह कामयाबी हासिल की है। दीक्षा की कामयाबी से उसके घर में खुशी का माहौल है तथा घर में बधाइयां देने वालों का तांता लगा हुआ है। 

टांडा मैडीकल कालेज में दीं नर्स के रूप में सेवाएं
होनहार बेटी के पिता अश्विनी मेहता ने बताया कि दीक्षा कुमारी में बचपन से ही देश सेवा की लगन थी तथा उसका लक्ष्य भारतीय सेना में सेवाएं देने का रहा। दीक्षा कुमारी की प्राथमिक शिक्षा से लेकर कालेज की पढ़ाई कोहला और नादौन कालेज में ही हुई। कालेज से बी.एससी. पास करके उसने बड़ू साहिब कालेज से बी.एससी. नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की तथा उसके बाद एक वर्ष उसने टांडा मैडीकल कालेज में नर्स के रूप में सेवाएं भी दीं। इसी दौरान दीक्षा ने सेना में कमीशन भरा और इसमें पास हुई। अश्विनी मेहता स्वयं किसान हैं तथा उनकी पत्नी साधारण गृहिणी हैं।

लक्ष्य पूरा करने में माता-पिता ने दिया साथ
होनहार बेटी के माता-पिता ने बताया कि उन्होंने कभी भी अपनी इच्छाएं या बंदिशें बेटी पर नहीं थोपीं तथा जो उसकी इच्छा थी व लक्ष्य था उसे पूरा करने में उसका साथ दिया। होनहार बेटी के माता-पिता ने बेटी की कामयाबी को गौरवशाली बताया है। बी.डी.सी. अजय चिंटू, पंचायत प्रधान बालक राम, समाजसेवी राजेंद्र चौधरी व नरेश चौधरी ने दीक्षा तथा उसके माता-पिता को बधाई दी है। 



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