यहां बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के नाम पर ऐसे हो रही धांधली, पंचायत प्रधान परेशान

यहां बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के नाम पर ऐसे हो रही धांधली, पंचायत प्रधान परेशान

हमीरपुर: जिला में प्रधानमंत्री बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत अभिदाता पंजीकरण फार्म सामने आया है, जिसमें बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत 8 से 32 वर्ष तक की बेटी का पंजीकरण किया जा रहा है। इस फार्म में लिखा गया है कि प्रधानमंत्री बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत 200 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है तथा यह योजना देश के 28 राज्यों में शुरू हुई है, जिसमें 8 से 32 साल तक की बेटियों का एक फार्म भरा जाएगा व इसे पंचायत प्रधान द्वारा सत्यापित करवाने के बाद भारत सरकार महिला एवं विकास मंत्रालय शास्त्री भवन दिल्ली-110001 के पते पर भेजा जाए जिसके बाद उक्त आवेदक बेटी को 2 लाख रुपए मिलेंगे। इस कथित तौर पर फर्जी फार्म के आने से जिला की 229 ग्राम पंचायतों में लोग अपनी बेटियों के फार्म भर कर स्थानीय पंचायत प्रधानों के पास सत्यापित (मोहर लगाकर) करवाकर दिल्ली में संबंधित मंत्रालय के पते पर भेज रहे हैं जबकि इस फार्म पर किसी भी मंत्रालय की मोहर या कोड नंबर तक नहीं है।

हर फोटोस्टेट की दुकान पर मिल रहा है फार्म
यह फार्म एक सादे कागज पर बना है तथा हर फोटोस्टेट की दुकान पर यह फार्म उपलब्ध हो रहा है जिसे लोग 2 या 4 रुपए में खरीदकर भरने के बाद पंचायत प्रधानों के पास पहुंच रहे हैं लेकिन यह कोई भी नहीं जानता है कि इस कथित फर्जी फार्म की सच्चाई क्या है जिसके चलते कई पंचायत प्रधान असमंजस में हैं तथा परेशान भी हैं कि अगर उन्होंने उक्त फार्म को सत्यापित नहीं किया तो लोग नाराज हो जाएंगे और कर दिया तो कहीं उनके पद को खतरा न हो जाए। जिला में यह कोई भी नहीं जानता है कि यह फार्म किस विभाग ने भेजा या कहां से आया है लेकिन आजकल जिला की पंचायतों में लोग अपनी बेटियों के नाम पर इस फार्म को भरने में जुटे हुए हैं तथा 2 लाख रुपए के लालच में इस फार्म को भरकर अपने पूरे पते सहित दिल्ली भेज रहे हैं। जिला में ग्रामीण क्षेत्रों में इस फार्म को भरने की महिलाओं में होड़ लग गई है।

प्रशासन के पास कोई प्रमाणिकता नहीं 
डी.सी. हमीरपुर संदीप कदम ने बताया कि उक्त फार्म की प्रशासन के पास कोई प्रमाणिकता नहीं है और न ही किसी भी भारत सरकार के मंत्रालय द्वारा इस फार्म के बारे में कोई अधिसूचना जारी हुई है। यह फार्म फर्जी है तथा प्रशासन इस फर्जी फार्म की सप्लाई का पता लगाएगा। लोग इस फर्जी फार्म के चक्कर में न आएं।

फर्जी फार्म देने वालों पर विभाग करेगा कार्रवाई
बाल विकास परियोजना अधिकारी वंदना चौहान ने बताया कि विभाग या मंत्रालय द्वारा ऐसा कोई भी फार्म या स्कीम शुरू नहीं की गई है तथा लोग यह फर्जी फार्म देने वालों की जानकारी विभाग को दें ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। 



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