राज्यपाल का खुलासा, राजभवन ने 2 साल में बचाई 12 लाख की बिजली

राज्यपाल का खुलासा, राजभवन ने 2 साल में बचाई 12 लाख की बिजली

शिमला: हिमाचल के राजभवन ने मात्र दो वर्ष में 12 लाख की बिजली बचाई है। राजभवन के कर्मचारियों ने बेहतर मैनेजमेंट का परिचय देकर पूरे प्रदेश को बिजली की बचत करने का संदेश दिया है। इसके पीछे किसी और का नहीं बल्कि राज्यपाल आचार्य देवव्रत का ही हाथ है। इस बात का खुलासा मंगलवार को उन्होंने स्वयं किया है। वह विद्युत मंत्रालय भारत सरकार के ऊर्जा संरक्षण राष्ट्रीय अभियान 2017 के अंतर्गत राजभवन शिमला में एसजेवीएनएल द्वारा ऊर्जा संरक्षण पर आयोजित राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता में बोले रहे थे। इसमें प्रदेश भर से कई स्कूलों के लगभग 100 छात्रों ने भाग लिया। 

देते रहते हैं ऊर्जा संरक्षण का संदेश
आपको बता दें कि हिमाचल के राज्यपाल ने जबसे प्रदेश में यह पद संभाला है। जितने भी कार्यक्रमों में वे जाते हैं ऊर्जा संरक्षण का संदेश देते रहते हैं। हिमाचल में सरकारी विभागों की बात करें तो वह वहां भी कर्मचारियों को बिजली की बचत के संरक्षण का संदेश देते हुए नजर आते हैं। राजभवन में इतनी भारी बिजली की बचत उनके कुशल नेतृत्व की ओर इशारा करता है। राज्यपाल लोगों को अकसर जैविक खेती करने का भी परामर्श देते हुए नजर आते हैं।

ऊर्जा जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा
इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रदेश के लोगों से कहा, ऊर्जा जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे बचाना हमारा नैतिक कर्तव्य है ताकि भविष्य में आने वाले पीढ़ी भी इसका पूरा लाभ उठा सके। सरकारी दफ्तर में भी ऊर्जा का दुरुपयोग होता है जिससे सरकारी कर्मचारियों को बचना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि बिजली का दुरुपयोग न करके राजभवन में पिछले 2 साल में 12 लाख की बिजली की बचत की है।  प्रतियोगिता में राजपाल आचार्य देवव्रत ने मुखातिथि के तौर पर शिरकत कर अव्बल रहे छात्रों को पुरस्कारों से नवाजा। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता का मकसद बच्चों के माध्यम से लोगों को ऊर्जा के संरक्षण के लिए जागरूक करना है। 



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