फोरैस्ट गार्ड की मौत के रहस्य से पर्दा हटाएगी SIT

फोरैस्ट गार्ड की मौत के रहस्य से पर्दा हटाएगी SIT

शिमला: फोरैस्ट गार्ड होशियार सिंह की मौत का रहस्य अभी भी बरकरार है। इस सिलसिले में वन विभाग की एस.आई.टी. सोमवार को करसोग का दौरा करेगी। इस कमेटी के मुखिया एडीशनल पी.सी.सी.एफ. हरि सिंह डोगरा हैं। इस वक्त करसोग की कटांडा बीट में विभाग के करीब 100 कर्मचारी जंगलों की खाक छान रहे हैं। इन जंगलों में वैध और अवैध दोनों तरह से काटे गए सभी पेड़ों की जांच-पड़ताल हो रही है। इनके ठूंठों की गिनती चल रही है। चाहे पेड़ सूखे भी क्यों न काटे गए हों। उन पेड़ों की भी गिनती हो रही है जिन्हें वन निगम के माध्यम से काटा गया है। निगम सूखे और गिरे हुए पेड़ों का ही कटान करता है लेकिन इसकी आड़ में वन माफिया ने हरे पेड़ों का तो कटान नहीं किया, इसकी जांच चल रही है। 


एस.आई.टी. को कुछ चौंकाने वाले तथ्य हाथ लगे
गार्ड की किन हालात में मौत हुई। उसने आत्महत्या की या फिर उसका कत्ल हुआ, इसके कारणों का भी पता लगाया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि एस.आई.टी. को कुछ चौंकाने वाले तथ्य हाथ लगे हैं। उसे मालूम हुआ है कि करसोग और नाचन में वन विभाग का फील्ड स्टाफ तैनात होने को तैयार नहीं होता है। इस जिला के संवेदनशील वन मंडलों में ज्यादातर लोकल स्टाफ कार्यरत है। इनकी वन माफियाओं के साथ कितनी मिलीभगत रहती है, इसकी भी गहनता से जांच चल रही है। जब से गार्ड की मौत हुई है तब से स्टाफ और भी खौफजदा है। वे जंगलों का रुख करने से पहले सौ बार सोचते हैं। अब 2 डिप्टी रेंजर और रेंजर की ज्वाइनिंग करवाई जाएगी। 


एस.आई.टी. एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी
ए.पी.सी.सी.एफ. डोगरा ने एक बार खुद जंगल का दौरा किया है। वह अब फिर से दौरा कर स्टाफ का मनोबल बढ़ाएंगे। एस.आई.टी. में ए.पी.सी.सी.एफ. डोगरा के अलावा मंडी, सुंदरनगर, नाचन व करसोग के डी.एफ.ओ. शामिल हैं। यह टीम गहनता से जांच कर रही है। एस.आई.टी. एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप देगी। सरकार ने इसे 15 दिनों का वक्त दिया था। इसके अलावा आपराधिक एंगल पर सी.आई.डी. जांच करेगी। इससे पहले राज्य पुलिस ने भी एस.आई.टी. गठित की थी लेकिन 2 दिनों के अंदर ही इसे भंग कर जांच का जिम्मा स्टेट सी.आई.डी. को दिया गया। 


सरकार ने बुलाया सम्मेलन
वन रक्षकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित राज्य सरकार ने शिमला में वन रक्षकों का सम्मेलन बुलाया है। यह सम्मेलन 24 जून को होगा। इसमें वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी व अतिरिक्त मुख्य सचिव वन तरुण कपूर भी शिरकत करेंगे। प्रदेश में ऐसा सम्मेलन पहली बार हो रहा है। इसमें वन रक्षक सुरक्षा पर अपने सुझाव सरकार को देंगे। वन रक्षक बिना हथियारों के ही जंगलों का दौरा करते हैं। सरकार ने इनको बंदूक थमाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा संवेदनशील जगहों पर वायरलैस सैट भी दिए जाएंगे।



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