डिपुओं से राशन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर

डिपुओं से राशन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर

हमीरपुर: हमीरपुर में डिपुओं से राशन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर है। अब तक मांगें न मानें से खफा प्रदेश डिपो संचालक समिति ने चेतावनी दी है कि अगस्त में डिपुओं से उपभोक्ताओं को राशन नहीं दिया जाएगा। विभाग के उच्चाधिकारियों के नकारात्मक रवैये से दुखी होकर इसके बारे में समिति ने एक ज्ञापन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को भी प्रेषित कर दिया है। समिति के महासचिव अशोक कवि ने बताया कि मुख्यमंत्री को अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा था जिसे उन्होंने विभाग के उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दिया था। मगर अब तक उनकी मांगों पर कोई विचार नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य भर में विभागीय अधिकारी पॉस मशीनों द्वारा डिपोधारकों को राशन देने के लिए बार-बार दबाव बना रहे हैं जबकि राशन कार्डों में अधिक खामियां होने के कारण पॉस मशीनों द्वारा उपभोक्ताओं को राशन देना संभव नहीं है। दूसरी ओर हर माह पूरे राशन की सप्लाई भी नहीं हो पा रही है। जब पिछले माह का राशन अगले माह में मशीन द्वारा देने की कोशिश की जा रही है तो मशीन एक माह का राशन ही दर्शा रही है, ऐसे में डिपोधारकों द्वारा इन मशीनों से राशन देना संभव नहीं हो रहा है। 


ये हैं डिपो संचालकों की मांगें
समिति के पदाधिकारियों की मांग है कि ए.पी.एल. के राशन पर कमीशन 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया जाए या फिर विभाग उन्हें सहकारी कर्मचारी घोषित करें। उनका कहना है कि निजी डिपोधारकों ने खाद्य सामग्री रखने के लिए दुकानें किराए पर ले रखी हैं जिनका किराया ही प्रतिमाह 5 हजार रुपए के करीब बनता है जबकि इतना कमीशन डिपोधारक को नहीं मिल रहा है। डिपोधारक की मौत होने पर डिपो परिवार के पात्र व्यक्ति को दिया जाए, राज्य में कई सहकारी सभाएं विक्रेताओं को मासिक वेतन मात्र 400 रुपए दे रही है। जबकि एफ.एस.एस.ए. का लाइसैंस बनवाने के लिए प्रतिवर्ष डिपो धारक को 2 हजार रुपए नवीनीकरण फीस चुकानी पड़ती है, डिपोधारक को शार्टेज का प्रावधान किया जाए क्योंकि वारदाना सही न होने के कारण काफी मात्रा में खाद्य सामग्री बाहर निकल जाती है। जिस कारण राशन में कमी आ जाती है।



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