DA केस: वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी को अदालत का समन

DA केस: वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी को अदालत का समन

नई दिल्ली/शिमला: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में कोर्ट ने कड़े निर्देश दिए हैं। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान वीरभद्र को कोर्ट ने 22 मार्च को खुद पेश होने को कहा है। सीबीआई की याचिका पर कोर्ट ने चार हफ्ते का समय दिया है। बताया जाता है कि पिछली 4 जनवरी 2017 को कोर्ट ने वीरभद्र और हिमाचल प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर 4 हफ्ते के अंदर जवाब देने का निर्देश दिया था। 26 सितंबर 2015 को सीबीआई ने वीरभद्र के शिमला स्थित निजी आवास हॉली लॉज पर छापा मारा था। उस समय वह हिमाचल के सीएम हुआ करते थे तथा उनकी बेटी की शादी थी।


सीबीआई ने बिना प्रदेश सरकार को बताए ही छापा मार दिया था। उसे चैलेंज करने के लिए वीरभद्र हाईकोर्ट तक चले गए थे, वहां से मामला दिल्ली हाईकोर्ट शिफ्ट हो गया था। हाईकोर्ट के निर्णय को ही सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे डाली थी। वीरभद्र पर आरोप है कि उन्होंने केंद्रीय इस्पात मंत्री रहते हुए आय से ज्यादा प्रॉपर्टी जुटाई। याद रहे कि हिमाचल बीजेपी ने वर्ष 2014 में सीबीआई के तत्कालीन डायरेक्टर रंजीत सिन्हा को एक पत्र भेजा था।


वीरभद्र पर एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के एवज में करोड़ों रुपए लेने का आरोप लगाया गया था। पत्र में कहा गया था कि वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह ने मंडी संसदीय क्षेत्र से उपचुनाव लड़ने के लिए डेढ़ करोड़ रुपए लिए थे। वहीं, कंपनी ने वीरभद्र के खाते में 2 करोड़ 40 लाख रुपए जमा कराए थे। मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी के अलावा नौ और लोगों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का आरोप है। इस मामले में सीबीआई ने सभी आरोपियों के खिलाफ अप्रैल 2017 में ही मामला दर्ज कर चुकी है। सीबीआई ने इन सभी लोगों के खिलाफ धारा 109ए 465ए और 471 के अलावा भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के प्रावधानों के तहत चार्जशीट दायर की है। 
 



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