मतगणना के बाद 30 दिन में देना होगा चुनावी खर्च का ब्यौरा

मतगणना के बाद 30 दिन में देना होगा चुनावी खर्च का ब्यौरा

शिमला: विधानसभा चुनाव के खर्च का ब्यौरा देने के लिए सभी प्रत्याशियों को 30 दिन का वक्त दिया जाएगा। मतगणना के बाद 30 दिन के भीतर सभी प्रत्याशियों को अपने-अपने चुनावी खर्च का लेखा-जोखा निर्वाचन विभाग को बताना होगा। जो प्रत्याशी 17 जनवरी, 2018 तक अपने चुनावी खर्च का ब्यौरा नहीं देगा, उसके खिलाफ केंद्रीय चुनाव आयोग के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि इस बार चुनावी मैदान में कुल 337 उम्मीदवार थे। इनमें 140 आजाद उम्मीदवार, 68 बी.जे.पी., 68 कांग्रेस और 61 प्रत्याशी बहुजन समाजवादी पार्टी या अन्य क्षेत्रीय दलों के चुनाव मैदान में थे। 


प्रत्येक प्रत्याशी पर अधिकतम खर्च की सीमा 28 लाख रुपए निर्धारित
प्रत्येक प्रत्याशी पर अधिकतम खर्च की सीमा 28 लाख रुपए निर्धारित है। इससे ज्यादा खर्च करने वाले प्रत्याशियों पर भारी भरकम जुर्माना लगाया जाएगा। प्रत्याशियों के चुनावी खर्च की निगरानी के लिए निर्वाचन विभाग ने भी राज्य, जिला, तहसील व ब्लाक स्तर पर कमेटियां गठित कर रखी थीं, जो चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशियों के खर्च पर नजर बनाए हुए थे। इसी के दृष्टिगत चुनाव विभाग ने लंच, ब्रेकफास्ट, डिनर, चाय व गाड़ी इत्यादि के भाड़े पहले ही तय कर रखे थे। 


प्रत्याशियों को पैसे का देना होगा पाई-पाई का हिसाब
प्रत्याशियों को तय रेट के मुताबिक ही चुनाव विभाग को अपने खर्च बताना होगा। इसी मकसद से नामांकन से पहले चुनाव विभाग ने सभी प्रत्याशियों को चुनावी खर्च के लिए अलग से बैंक खाता खोलने के भी निर्देश दिए थे। प्रत्याशियों ने रैली, पोस्टर, बैनर, होर्डिंग, समर्थकों के खाने-पीने, गाड़ियों में तेल डालने व मीडिया में विज्ञापन इत्यादि पर कितना व्यय किया। इन सब पर खर्च किए गए पैसे का प्रत्याशियों को पाई-पाई का हिसाब देना होगा।



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