4 माह से वेतन को तरसे इस विभाग के 2300 कर्मचारी

4 माह से वेतन को तरसे इस विभाग के 2300 कर्मचारी

सोलन: प्रदेश में ग्रामीण विकास विभाग में कार्यरत 2300 कर्मचारियों को पिछले 4 महीने से वेतन नहीं मिल रहा है। विभाग के पास इन कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने के लिए बजट ही नहीं है, जिससे इन कर्मचारियों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। स्थिति यह है कि इन कर्मचारियों को बिना वेतन के ही काम करने को मजबूर होना पड़ रहा है। मनरेगा से इन कर्मचारियों को वेतन दिया जाता था लेकिन केन्द्र सरकार की इस योजना में बजट ही नहीं है या यूं कहें कि केन्द्र से प्रदेश को इस योजना में बजट ही नहीं मिल रहा है। इस कारण यह स्थिति पैदा हुई है।

1050 तकनीकी सहायकों को भी नहीं मिल रहा वेतन
प्रदेश सरकार द्वारा पिछले वर्ष ही नियमित किए करीब 1050 तकनीकी सहायकों को भी पिछले कई महीनों से वेतन नहीं मिल रहा है। मजेदार बात यह है कि सरकार ने तकनीकी सहायकों को नियमित तो कर दिया लेकिन इन कर्मचारियों को पंचायती राज विभाग से वेतन के बजाय मनरेगा से वेतन दिया जा रहा है। इस योजना में फंड न होने के कारण बी.डी.ओ. कार्यालय के पास इनके वेतन का भुगतान करने के लिए बजट नहीं है। प्रदेश के कई विकास खंडों में 6-6 महीने से इन कर्मचारियों को पगार नहीं मिली है। जिन विकास खंडों के पास बजट है वहां पर ऐसी स्थिति नहीं है।

1150 ग्राम रोजगार सेवक भी तरसे
इसी तरह प्रदेश भर की पंचायतों में कार्यरत 1,150 ग्राम रोजगार सेवकों को भी पिछले 4 महीने से वेतन नहीं मिल रहा है। इन कर्मचारियों के वेतन का भुगतान भी मनरेगा से ही किया जाता है और इस योजना में कोई बजट नहीं है। प्रदेश में तकनीकी सहायक व ग्राम रोजगार सेवक 3 पंचायतों पर एक कार्यरत है। इसी तरह ग्रामीण विकास विभाग में ही कार्यरत 100 कम्प्यूटर आप्रेटरों को भी पिछले 4 माह से वेतन नहीं मिल रहा है। प्रदेश में मनरेगा का कार्यान्वयन जिन कंधों पर है, उन्हें पिछले कई महीनों से पगार ही नहीं मिल रही है।  



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