धर्मशाला के स्मार्ट विकास पर खर्च होंगे 2109 करोड़

धर्मशाला के स्मार्ट विकास पर खर्च होंगे 2109 करोड़

धर्मशाला: शहरी विकास, आवास एवं नगर नियोजन मंत्री सरवीण चौधरी ने कहा कि धर्मशाला स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत आगामी 4 वर्षों में धर्मशाला के विकास, सौंदर्यीकरण और आधुनिकीकरण पर 2109 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जिसके तहत प्रथम चरण में 209 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने वीरवार को धर्मशाला में पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि पूर्व सरकार डेढ़ साल तक मात्र औपचारिकताओं का दौर ही चलाती रही लेकिन अब भाजपा की सरकार धर्मशाला में विकास को सामने रखकर कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी से कार्य करने के साथ ही कार्यों में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता तय की जाएगी। धर्मशाला को विश्व नगरी की तरह विकसित किया जाएगा तथा यहां अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं एवं सेवाएं उपलब्ध होंगी।

73 उप परियोजनाओं पर किया जाना है काम
 उन्होंने कहा स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत कुल 73 उप परियोजनाओं पर काम किया जाना है, जिसके लिए परियोजना प्रबंधन परामर्श सैल नियुक्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण की परियोजनाओं में स्मार्ट क्लासरूम, सार्वजनिक ई-शौचालय, भूमिगत कूड़ेदान, स्मार्ट बस शैल्टर एवं स्टैंड, स्मार्ट सड़कें, पार्किंग, पार्क, सोलर लाइट व सिग्नल, विद्युत शवगृह, भूमिगत केबल, वन-सिटी एप व स्मार्ट वैंडिंग जोन इत्यादि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में कुछ महत्वपूर्ण उप परियोजनाओं के लिए मार्च, 2018 के अंत तक निविदाएं आमंत्रित कर ली जाएंगी।

दिव्यांगों के लिए बनेगा रैंप
उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत धर्मशाला में सटेनलैस स्टील आधारित संरचना, दिव्यांगों के लिए रैंप, पब्लिक इन्फ ॉरमेशन सिस्टम व कुछ स्थानों पर वैंडिंग मशीनें तथा पार्किंग बनाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि पर्यटकों एवं नागरिकों के भ्रमण के लिए माऊंटेन बाइक किराए पर देने की सुविधा प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के अंतर्गत स्मार्ट सड़कें व गलियां, सार्वजनिक ई-शौचालय, पार्क, खेल मैदान, बच्चों के लिए आधुनिक झूले, ओपन एयर जिम, कुछ पार्कों व मैदानों में राज्य खेल वालीबाल, जूस कार्नर तथा सभी में थीम कूड़ेदान का प्रावधान किया जाएगा।

भागसूनाग में फ्यूनिकुलर रेल संचालन भी प्रस्तावित 
शहरी विकास मंत्री ने कहा कि कोतवाली बाजार व मैक्लोडगंज बाजार का सौन्दर्यीकरण उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में ई-बस व भागसूनाग में फ्यूनिकुलर रेल संचालन भी प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि टैक्रीकल स्टाफ की जो कमी है, उसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव तरुण कपूर, निदेशक शहरी विकास डा. वी.के. गुप्ता, सी.ई.ओ. हिमुडा दिनेश कश्यप, अतिरिक्त आयुक्त विजय कुमार, नगर निगम के अधिशासी अभियंता सुशील डढवाल सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। 



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