17 को स्कूलों में नहीं बनेगा मिड-डे मील, जानिए वजह

17 को स्कूलों में नहीं बनेगा मिड-डे मील, जानिए वजह

ऊना (सुरेन्द्र): अपनी मांगों को लेकर मिड-डे मील वर्कर्ज 17 जनवरी को हड़ताल पर रहेंगे। इस दिन सरकारी स्कूलों में बनने वाला दोपहर का भोजन नहीं बनेगा। हालांकि मिड-डे मील वर्कर्ज इससे पहले भी अपनी मांगों के बारे सरकार को अवगत करवा चुके हैं। लेकिन मांगें पूरी नहीं हो पाई हैं जिसके सभी वर्कर्ज हड़ताल पर रहेंगे। इस संबंध में मंगलवार को मिड-डे मील वर्कर्ज यूनियन ऊना जिला की बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिला प्रधान बलविंद्र कौर ने की। बैठक में सीटू राज्य महासचिव प्रेम गौतम व जिला महासचिव गुरनाम सिंह शामिल हुए। 


इसमें निर्णय लिया कि इस दिन जिला के सभी मिड-डे मील वर्कर्ज हड़ताल पर रहेंगे। सीटू राज्य महासचिव प्रेम गौतम, जिला महासचिव गुरनाम सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार मिड-डे मील योजना को खत्म करने पर उतारू है। केंद्र सरकार ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय में एक अपील दायर की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में केंद्रीय किचन खोलने की अनुमति दी जाए। लेकिन अगर ऐसा होता है तो पूरे देश में मिड-डे मील वर्कर्ज की छूट्टी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले करीब 9 वर्षों से केंद्र की अलग-अलग सरकारों ने एक रुपए तक की बढ़ौतरी नहीं की है जबकि केरल सरकार मिड-डे मील वर्कर्ज को 12,500 रुपए मासिक वेतन दे रही है। 


ये हैं मिड-डे मील कर्मियों की मांगें
उन्होंने मांग की है कि मिड-डे मील वर्कर्ज को 6300 रुपए मासिक वेतन दिया जाए। 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों के मुताबिक मिड-डे मील वर्कर्ज को पक्का किया जाए। 25 बच्चों की शर्त को हटाया जाए। प्रदेश के स्कूलों में 2 मिड-डे मील वर्कर्ज की नियुक्ति की जाए। इसको 10 माह के बजाए 12 माह वेतन दिया जाए। इस योजना में केंद्रीय किचन खोलने, योजना को ठेके पर देने के फैसले को वापस लिया जाए। मिड-डे मील वर्कर्ज को स्कूलों में मिलने वाली छुट्टियां तथा नियुक्ति पत्र दिया जाए।  



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