क्रिकेट की दुनिया में सबके छक्के छुड़ाने आया देवभूमि का यह 11 साल का नन्हा उस्ताद

क्रिकेट की दुनिया में सबके छक्के छुड़ाने आया देवभूमि का यह 11 साल का नन्हा उस्ताद

मंडी: क्रिकेट की दुनिया में आपने बड़े-बड़े लोगों को खेलते देखा होगा लेकिन देवभूमि हिमाचल के इस 11 साल के नन्हे उस्ताद को आप पहली बार देखेंगे। इतनी छोटी उम्र में लिटल मास्टर 'अर्जुन' को खेलते देखकर लोग दांतों तले अंगुली दबा लेते हैं। बता दें कि यह लिटल मास्टर मंडी जिला के पंडोल कस्बे का है। उसने 4 साल की उम्र में ही क्रिकेट का बल्ला थाम लिया था। अर्जुन हिमाचल की जूनियर क्रिकेट टीम के लिए चयनित हुआ है। इसका चयन अंडर-14 हिमाचल क्रिकेट टीम के 20 खिलाड़ियों में किया गया है। यह प्रतियोगिता आज 12 नवंबर से शुरू होने जा रही है। 


बाएं हाथ से बल्लेबाजी करता है अर्जुन
बताया जाता है कि अर्जुन ने ऊना जिले में प्रदेश क्रिकेट प्रतियोगिता में 4 पारियों में 210 रन 3 बार नाबाद रहते हुए बनाए थे। जिसके बाद चयनकर्ताओं का ध्यान इस नन्हे उस्ताद की तरफ गया है। खास बात यह है कि अर्जुन बाएं हाथ से बल्लेबाजी करता है। इतना ही नहीं ऑफ स्पिन गेंदबाजी में भी उनका हाथ काफी तेज है। जिसके चलते वह इस क्रिकेट टीम में एक ऑलराउंडर की भूमिका में नजर आ सकता है। इतनी छोटी उम्र में उसकी बल्लेबाजी का मजबूत पक्ष धैर्य व लंबी पारी खेलना है। 


3 साल तक मंडी में क्रिकेट की ली ट्रेनिंग
3 साल तक उसने मंडी में क्रिकेट की ट्रेनिंग ली। आजकल अर्जुन मोहाली के क्रिकेट स्कूल ऑफ अचीवर्स में क्रिकेट के गुर सीख रहा है। अर्जुन के चयन को लेकर पंडोह वासियों में खुशी की लहर है। वहीं अर्जुन इसका श्रेय अपने पिता सन्नी सिंह, माता, बहन और दादा-दादी के प्रोत्साहन को देता है। उल्लेखनीय है कि अर्जुन के पिता सन्नी सिंह भी अपने समय के मशहूर क्रिकेटर रहे हैं। इसी कारण इन्होंने अपने बेटे अर्जुन को भी क्रिकेट में भेजने की सोची।  



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