2 साल से पानी की एक-एक बूंद को तरस रहे यहां के लोग

2 साल से पानी की एक-एक बूंद को तरस रहे यहां के लोग

भोरंज  : उपमंडल भोरंज की ग्राम पंचायत भौंखर के गांव लोअर सुलखान के ग्रामीण पिछले करीब 2 साल से लगातार पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों प्यार चंद, कश्मीर सिंह, भूमि चंद, विजय सैन, सुदेश कुमारी, चम्पा देवी, अनिशा देवी, ज्ञानो देवी, पूजा, सपना, रीना देवी, हेमा कुमारी, सुमित, निधि, ज्योति देवी, सोनल, विमला देवी, सुमित कुमार व देवेंद्र सिंह इत्यादि ने बताया कि उनके गांव में 8 नल हैं जिनमें 1 सरकारी व 7 निजी नल हैं। पिछले करीब 2 सालों से पूरी तरह से शोपीस बनकर रह गए हैं और पूरे साल में मुश्किल से 30 दिन ही पानी उपलब्ध हो पाता है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें 1 कुएं से पानी भरना पड़ता है जोकि बरसात के दिनों में ल्हासा मिट्टी गिरने से पूरी तरह से नष्ट हो चुका है, कस्बे में स्थित हैंडपंप जिसका पानी मटमैला है, यानी दोनों ही स्रोतों का पानी पीने योग्य नहीं है, से ही पानी पीने को मजबूर हैं।

लोगों को हो रही परेशानी
इसके बारे में आई.पी.एच. विभाग के पानी छोड़ने वाले कर्मचारियों, जे.ई. लदरौर, एस.डी.ओ. भोटा व अधिशासी अभियंता बड़सर को भी कई बार मौखिक व लिखित तौर पर अवगत करवा चुके हैं जबकि वर्षों का लंबा अरसा बीतने के बावजूद भी उन्हें विभाग 15 दिनों में एक बार भी पेयजल मुहैया नहीं करवा पा रहा है। सभी ग्रामीण अपने-अपने घरों में स्थित निजी नलों का बिल सही समय पर जमा करवाते आए हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की है कि शीघ्र ही संबंधित विभाग के अधिकारियों को उनके कस्बे में लंबे समय से जूझ रहे पेयजल संकट से छुटकारा दिलाया जाए, क्योंकि वे पानी की बूंद-बंूद के लिए तरस रहे हैं। 



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